ईरान के साथ एक शुरुआती समझौता का ऐलान करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब उनका फोकस यूक्रेन पर होगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात हुई है. उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन में युद्ध खत्म करना उनका अगला बड़ा मकसद होगा.
ट्रंप ने ये सारी बातें फ्रांस के इवियान में हो रही G-7 समिट में कहीं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर में से एक होर्मुज स्ट्रेट से ट्रैफिक पहले ही शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता अब औपचारिक रूप से लागू होने की ओर बढ़ रहा है.
रूस-यूक्रेन में खत्म होगी जंग?
रूस-यूक्रेन जंग को लेकर ट्रंप ने कहा, 'कल राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन के साथ हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और मुझे लगता है कि शायद हम वहां कुछ कर सकते हैं. मुझे सच में ऐसा लगता है. मुझे लगता है कि वे दोनों इसके लिए तैयार हैं.'
ट्रंप ने कहा, 'शायद हम यूक्रेन के मामले में कुछ कर सकते हैं. मुझे लगता है कि पुतिन और जेलेंस्की, दोनों ही इसके लिए तैयार हैं. अब जब ईरान का मामला निपट गया है, तो हम उस पर ध्यान देंगे.'
ट्रंप ने ये बातें ऐसे समय कही हैं, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की तमाम कूटनीतिक कोशिशें लगातार नाकाम हो चुकी हैं. इस बीच जेलेंस्की इस उम्मीद के साथ G-7 में पहुंचे कि उन्हें पश्चिमी देशों से और ज्यादा राजनीतिक और सैन्य समर्थन मिलेगा. जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए समिट के दौरान पुतिन से मिलने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि, रूस ऐसी बैठक के लिए राजी नहीं हुआ.
रूस-यूक्रेन जंग G-7 नेताओं के सामने सबसे अहम मुद्दों में से एक बनी हुई है. रूस के लगातार हमलों के बीच यूक्रेन लगातार सैन्य मदद की मांग कर रहा है. समिट में शामिल होने वाले कई नेताओं की नजर इस बात पर होगी कि आने वाले दिनों में ट्रंप रूस और यूक्रेन के साथ सीधे बातचीत करने के लिए कितने तैयार रहते हैं.
ट्रंप की नीतियों से यूरोप में बेचैनी
G-7 समिट में पहुंचे कई नेताओं में अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अमेरिका के नजरिए को लेकर चिंता भी दिखी. ट्रंप के हालिया नीतिगत फैसलों ने कुछ सहयोगियों, खासकर यूरोप में बेचैनी पैदा कर दी है.
समिट शुरू होने से पहले ही नए ट्रेड टेंशन ने माहौल को और जटिल बना दिया. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर फ्रांस बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर अपना डिजिटल टैक्स हटाने से इनकार करता है, तो अमेरिका फ्रांसीसी वाइन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है.
इस बीच, फ्रांसिसी राष्ट्रपति मैक्रों ने बढ़ते व्यापार विवादों पर चिंताओं को कम करने की कोशिश की और प्रमुख पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग का बचाव किया. मैक्रों ने कहा कि टैरिफ से किसी का भला नहीं होता, खासकर G-7 देशों के बीच टैरिफ से.