जी7 (G7), यानी Group of Seven, दुनिया के सात सबसे विकसित और औद्योगिक देशों का समूह है. इसमें अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं. यह समूह वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हर साल एक शिखर सम्मेलन आयोजित करता है. इस सम्मेलन में सदस्य देश आपसी सहयोग बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां बनाते हैं.
इस साल यह सम्मेलन कनाडा के अलबर्टा प्रांत में 15 से 17 जून 2025 के बीच आयोजित होगा. कनाडा इस वर्ष G7 समूह का अध्यक्ष देश है. 50वां जी7 शिखर सम्मेलन 2024 (G7 Summit 2024) इटली (Italy) ने मेजबानी की थी.
G7 शिखर सम्मेलन का मूल उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, भू-राजनीतिक संकट, तकनीकी विकास और मानवीय संकट जैसे मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना होता है. यह मंच किसी भी औपचारिक संधि से बंधा नहीं होता, लेकिन इसके निर्णयों का वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है.
भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में उसे "आउटरीच कंट्री" के रूप में आमंत्रित किया गया है. भारत ने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक दक्षिण की चुनौतियां, और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर अपनी भूमिका स्पष्ट की है. यह भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान को लेकर इटली में नाराजगी बढ़ गई है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप के दावे को गलत बताया, जिसके बाद मामला इतना बढ़ा कि इटली के विदेश मंत्री ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया.
जी7 शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बयानबाजी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप के एक दावे पर मेलोनी ने खुलकर आपत्ति जताई और उसे पूरी तरह गलत बताया. मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि इटली के विदेश मंत्री ने अपना अमेरिका दौरा भी रद्द कर दिया. अब यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है.
मौजूदा हालात हमेशा से ऐसे नहीं थे. ये वही मेलोनी हैं, जो 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालीं एकमात्र यूरोपीय नेता थीं. लेकिन अब जानकारों का मानना है कि डेढ़ साल बाद मेलोनी के ट्रंप के साथ रिश्ते बुरी तरह बिगड़ चुके हैं.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने को उत्सुक थीं. मेलोनी ने बयान को मनगढ़ंत बताते हुए कहा, इटली कभी किसी के आगे नहीं झुकता. हालांकि दोनों देशों के आधिकारिक संबंध सामान्य बने हुए हैं.
सोशल मीडिया पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो एक हाथ कमर पर रखकर डोनाल्ड ट्रंप और फ्रेडरिक मर्ज को देख रही थीं.
फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की 10 वर्षीय बेटी जिनेव्रा जियाम्ब्रूनो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. कैमरों और मीडिया की भीड़ से बचने की उनकी मासूम कोशिशों ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत इनोवेट्स 2026 के उद्घाटन के दौरान मैक्रों ने औपचारिक रूप से पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी.
PM मोदी ने गुरुवार को पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान PM ने कहा कि पेरिस रोशनी और रंगों का शहर है. उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर निरंतर 12 साल सेवा करना मेरे जीवन का सौभाग्य रहा है. ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चाय वाले को यहां तक पहुंचा दिया. देखें पूरा वीडियो.
PM मोदी ने फ्रांस में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान PM ने कहा कि पेरिस रंगों का शहर है. आज जब मैं फ्रांस से वापस जाने की तैयारी में हूं तो मानो लग रहा, मैं भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं. मैं भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं. देखें पूरा वीडियो.
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस के एवियन शहर में आमने-सामने बैठकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा करते नजर आए, इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ट्रंप के सामने समंदर में काम कर रहे लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. ये भी कहा कि होर्मुज का खुलना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने आज फ्रांस में G-7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने होर्मुज की नाकेबंदी और भारतीय नाविकों पर हमले का मुद्दा उठाया. इसके बाद ट्रंप ने भारत के समर्थन में एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि यदि मोदी के नेतृत्व में भारत पर कोई हमला होता है, तो अमेरिका साथ खड़ा रहेगा. देखें Video.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की इजाजत दी जा सकती है. अमेरिका-ईरान MOU लागू होने के साथ यूरेनियम स्टॉक पर ढील दी गई है. ट्रंप ने चेतावनी दी- समझौता तोड़ा तो फिर बमबारी होगी.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ PM मोदी की यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुई बैठक के ठीक बाद हुई.
जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात चर्चा का केंद्र रही. बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई. इस दौरान ट्रंप ने मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत और सख्त वार्ताकार बताया. उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों को भी अहम बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
16 महीने के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच वन टू वन मुलाकात हुई. मुलाकात में ट्रेड डील से लेकर रक्षा से लेकर सुरक्षा पर बातचीत हुई. द्विपक्षीय वार्ता के बाद जब ट्रंप और मोदी मीडिया के सामने मुखातिब हुए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती की संपूर्ण व्याख्या की. करीब 19 मिनट की प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की.
G7 Summit in Evian: G7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसे के संकट और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाया. आज ट्रंप से मुलाकात में होर्मुज, ऊर्जा आयात, व्यापार और पश्चिम एशिया पर चर्चा की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद द्विपक्षीय मुलाकात हुई. 19 मिनट की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की कार्यशैली और अपनी पक्की दोस्ती की जमकर तारीफ की. इस दौरान पीएम मोदी ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान जहाजों पर हुए हमलों और 3 भारतीय नाविकों की मौत का गंभीर मुद्दा उठाया.
आज सबसे पहले आपको प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की 16 महीने बाद हुई मुलाकात के बारे में बताएंगे. इन 16 महीनों में दुनिया ने काफी उतार-चढ़ाव देखे. भारत और अमेरिका के संबंध भी कूटनीतिक दांव-पेंच में उलझे रहे. कभी दूरियां दिखीं, तो कभी सहजता भी नजर आई. और आज जब दोनों नेता एक ही मंच पर पहुंचे, तो दुनिया की नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि क्या भारत और अमेरिका के रिश्तों में जमी बर्फ इस मुलाकात से पिघलेगी?
कुछ देर पहले G7 समिट में PM नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मुलाकात हुई. PM मोदी ने ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. ट्रंप लगातार पीएम मोदी की तारीफ करते दिखे. ट्रंप ने कहा है कि भारत में पीएम मोदी के लिए बहुत सम्मान है. आजतक ने एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस में भारत का सच्चा दोस्त बैठा हुआ है.
फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने सुर्खियां बटोरीं. पिछले 16 महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में जो खटास थी, वो इस बैठक के बाद दूर हो गई. समिट से आई 6 खास तस्वीरें दोनों नेताओं की मजबूत दोस्ती की गवाही दे रही हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने आज फ्रांस में G-7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की. इस दौरान मीटिंग में पीएम मोदी ने कहा कि 'पश्चिम एशिया में शांति के लिए आपका अभिनंदन'. आजतक के संवाददाता प्रणय उपाध्याय ने राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल किया. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, 'मैं जब तक राष्ट्रपति हूं व्हाइट हाउस में भारत का एक बहुत अच्छा दोस्त मौजूद है.'