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दिल्ली कोचिंग हादसा: CBI ने कोर्ट में सौंपी क्लोजर रिपोर्ट, MCD के दो अधिकारियों को क्लीन चिट, 3 दोषी

साल 2024 के दिल्ली कोचिंग हादसा मामले में CBI ने दिल्ली की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. इस मामले में दिल्ली नगर निगम के दो वरिष्ठ अधिकारियों को क्लीन चिट दी गई है. जांच में पाया गया कि बेसमेंट में अवैध लाइब्रेरी की अनुमति देने में उनकी कोई लापरवाही नहीं थी. हालांकि, भवन विभाग के तीन अधिकारियों को फर्ज में चूक का दोषी पाया गया है.

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​राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर हादसे में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट सब्मिट कर दी. (File Photo: PTI)
​राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर हादसे में CBI ने क्लोजर रिपोर्ट सब्मिट कर दी. (File Photo: PTI)

साल 2024 के दिल्ली के राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा मामले में CBI ने दिल्ली की एक अदालत में अपनी सप्लीमेंट्री फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी है. सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर क्लोजर रिपोर्ट पेश की है. 

एजेंसी ने अदालत से इस रिपोर्ट को स्वीकार करने और जरूरी आदेश पारित करने की अपील की है. सीबीआई ने इस क्लोजर रिपोर्ट में MCD के दो वरिष्ठ नागरिक अधिकारियों को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है. 

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे इन दो वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से किसी भी तरह की चूक या लापरवाही का संकेत मिले.

CBI के मुताबिक, बेसमेंट में अवैध रूप से लाइब्रेरी चलाने की अनुमति देने के मामले में इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही या चूक के तहत मुकदमा चलाने के लिए कोई सबूत नहीं मिले हैं. सीबीआई ने बताया कि कोर्ट के निर्देश के बाद ही MCD के वरिष्ठ अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी की जांच की गई थी और अब ये क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा रही है.

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तीन अधिकारियों को दोषी पाया गया

भले ही वरिष्ठ अधिकारियों को क्लीन चिट मिल गई हो, लेकिन सीबीआई ने दिल्ली नगर निगम के भवन विभाग के तीन अधिकारियों को फर्ज को लेकर लापरवाही और चूक का दोषी पाया है. सीबीआई ने कहा कि इन अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में गंभीर लापरवाही बरती. इसी लापरवाही के कारण संबंधित इमारत के बेसमेंट का लगातार अवैध रूप से उपयोग होता रहा, जिससे ये हादसा हुआ.

जांच एजेंसी की सिफारिशों के आधार पर MCD ने इन तीनों दोषी अधिकारियों के खिलाफ पहले ही विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली कोचिंग हादसा: फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने छुपाई बेसमेंट लाइब्रेरी की जानकारी, LG ने दी सस्पेंशन को मंजूरी

जूनियर इंजीनियर के खिलाफ चार्जशीट

सीबीआई ने अदालत को बताया कि एमसीडी के जूनियर इंजीनियर अर्णव कुमार दत्ता के खिलाफ इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. जांच में जूनियर इंजीनियर अर्णव कुमार दत्ता की भूमिका को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. सीबीआई ने कहा कि दत्ता को इस बात की पूरी जानकारी थी कि उस इमारत के बेसमेंट का इस्तेमाल लाइब्रेरी के लिए किया जा रहा था. इसके बावजूद उन्होंने जानबूझकर अपने सीनियर्स को इस बारे में नहीं बताया.

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हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपी जूनियर इंजीनियर ने उस परिसर का कई बार इंस्पेक्शन भी किया था, लेकिन हर बार उन्होंने इस अवैध गतिविधि की बात को सभी से छुपाए रखा. कोर्ट अब इस क्लोजर रिपोर्ट पर आगे विचार करेगा.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान (राऊज आईएएस स्टडी सर्कल) के बेसमेंट में 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ का पानी भर गया था. इस हादसे में बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में पढ़ रहे तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई थी. जांच में सामने आया था कि नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट का अवैध इस्तेमाल किया जा रहा था. 

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