चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है. गुरुवार को बीजिंग में जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन से राष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास इस मुद्दे पर जानकारी देने के लिए कोई सूचना नहीं है.
नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के राष्ट्र प्रमुख पहुंच रहे हैं. अब तक इस आयोजन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान के शामिल होने की पुष्टि हो गई है.
लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग की यात्रा पर कोई कंफर्म सूचना नहीं है.
गुरुवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवक्ता गुओ जियाकुन से पूछा गया कि क्या चीनी नेता इस हफ़्ते भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे?
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "आपके द्वारा पूछे गए प्रश्न के बारे में मेरे पास अभी देने के लिए कोई जानकारी नहीं है."
इससे पहले गुरुवार को ही खबर आई थी कि चीनी राष्ट्रपति ब्रिक्स सम्मेलन में आ सकते हैं और इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक हो सकती है. 2020 में गलवान घाटी में हुई जानलेवा झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय बातचीत होगी.
अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो यह सात सालों में उनकी भारत की पहली यात्रा होगी. हालांकि नई दिल्ली और बीजिंग ने अभी तक प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि करते हुए कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है.
दोनों नेताओं ने हाल ही में किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में एक साथ मंच साझा किया था, जहां उन्होंने हाथ तो मिलाया लेकिन कोई औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं की.
शी की यात्रा से पहले राजनयिक बातचीत
शी की भारत यात्रा से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत बनाए रखने की कोशिशों के तहत उच्च-स्तरीय चर्चा के लिए चीन का दौरा किया.
भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए बनी कार्य प्रणाली की बैठक भी हुई, जिसके बाद सीमा के मुद्दे पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई.