बतौर राष्ट्रपति चौथा टर्म हासिल करने से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने चीन में अगले साल होने वाली पार्टी कांग्रेस से पहले झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में जगह दी है. झांग शेंगमिन सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के उपाध्यक्ष हैं और जिनपिंग के विश्वासपात्र माने जाते हैं. गहरे भ्रष्टाचार से जूझ रहे चीनी सत्ता ने कम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज करने और आंतरिक अनुशासन सख्त करने का प्रस्ताव भी पारित किया है.
इस फैसले पर पहुंचने के लिए चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की चार दिनों तक बंद कमरे में बैठक चली.
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अगले साल होने वाली पार्टी कांग्रेस में शी जिनपिंग के चौथे कार्यकाल को मंजूरी मिलने की व्यापक संभावना जताई जा रही है. चीन में पार्टी कांग्रेस के दौरान शीर्ष नेतृत्व और आने वाले वर्षों की राजनीतिक दिशा तय होती है. ऐसे में झांग शेंगमिन को पोलित ब्यूरो में जगह मिलना सेना और पार्टी के भीतर जिनपिंग की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. जिनपिंग ने सेना के दो शीर्ष जनरलों के खिलाफ कार्रवाई की है, इसके बाद केंद्रीय सैन्य आयोग में उनके अलावा झांग शेंगमिन ही बचे हैं. अब झांग शेंगमिन भी राजनीतिक फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो में शामिल हो गए हैं.
झांग शेंगमिन केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ सैन्य अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था से भी जुड़े हैं. वह केंद्रीय सैन्य आयोग के अनुशासन निरीक्षण आयोग के उप सचिव के रूप में काम करते हैं. चीन के सैन्य नेतृत्व में हाल के दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई है. जिनपिंग ने सेना के दो शीर्ष जनरलों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके बाद केंद्रीय सैन्य आयोग में उनके अलावा झांग शेंगमिन ही बचे हैं. सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन खुद शी जिनपिंग हैं.
केंद्रीय सैन्य आयोग चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की सर्वोच्च संस्था है. इसके अध्यक्ष शी जिनपिंग हैं. सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत शीर्ष अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने चीन के सैन्य नेतृत्व को प्रभावित किया है. झांग को पोलित ब्यूरो में शामिल करने का फैसला इस बदलाव के बीच आया है.
कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में पार्टी के आत्म-शासन, अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को मजबूत करने का प्रस्ताव पारित किया गया. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की ओर से जारी प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी के सामने आने वाले काम लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं. इनमें राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करना और उनका नेतृत्व करना शामिल है.
प्रस्ताव में पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने, भ्रष्टाचार को खत्म करने और वैचारिक शुद्धता कायम रखने पर जोर दिया गया. पार्टी ने कहा कि दीर्घकालिक शासन क्षमता को बेहतर बनाने, अपनी प्रगतिशील प्रकृति और शुद्धता बनाए रखने तथा जनता के साथ करीबी संबंध मजबूत रखने के लिए उसे सख्त अनुशासन के रास्ते पर कायम रहना होगा.
शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को अपने शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है. पिछले एक दशक से अधिक समय में पार्टी और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है. हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि अब इस अभियान का दायरा केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है.