चीन की राजधानी बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत सिटिक टॉवर (Citic Tower) से एक विमान टकरा गया है. खबरों के मुताबिक जिस विमान की टक्कर हुई है वो एक छोटा प्लेन है. बीजिंग की इस 109 मंजिला ऊंची इमारत से टकराकर प्लेन क्रैश हो गया है. इस दुर्घटना के सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं.
इन वीडियोज में 1,700 फीट ऊंची इमारत से छोटे विमान के टुकड़े गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं. इमारत के ग्राउंड फ्लोर से घना धुआं उठ रहा था, जहां विमान का मलबा बिखरा पड़ा था. विमान की टक्कर से बिल्डिंग की दो खिड़कियां टूट गईं, जिससे एयरक्राफ्ट पूरी तरह टूट गया है.
हैरान करने वाली तस्वीरों में प्लेन के टुकड़े जमीन पर गिरते हुए दिख रहे हैं. सोशल मीडिया की तस्वीरों में टावर के साइड में एक बड़ा छेद दिख रहा है.
यह बीजिंग का सबसे ऊंचा टावर है. यह बहुत ऊंची बिल्डिंग चाओयांग डिस्ट्रिक्ट के सेंट्रल बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट में है. इसे अक्सर चाइना ज़ून कहा जाता है, यह बिल्डिंग 1,700 फीट ऊंची है. लोकल मीडिया के मुताबिक, प्लेन कथित तौर पर B-12PP एयरक्राफ्ट था. इस हादसे में हताहतों की संख्या के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक पायलट अकेले उड़ान भर रहा था और उसने सिर्फ़ आधे घंटे पहले ही शिफोसी एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. प्लेन शाम 5:40 बजे लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन वह अपने तय रास्ते से भटक गया.
फ़्लाइट मॉनिटरिंग सिस्टम ने प्लेन को तब तक ट्रैक किया, जब तक कि बीजिंग की ईस्ट फ़िफ़्थ रिंग रोड के इलाके में उसका सिग्नल नहीं चला गया.
इसके बाद प्लेन का संपर्क टूट गया और उससे दोबारा संपर्क नहीं हो सका. बीजिंग की रेस्क्यू एजेंसियां घटनास्थल पहुंच गईं हैं.
सीएनएन के एक पत्रकार ने देखा कि ऊंची इमारत से निकाले गए लोग एंट्री गेट के पास सड़कों पर जमा हो गए थे; वहां फायर ट्रक, पुलिस की गाड़ियां और एम्बुलेंस भी मौजूद थीं.
CNN ने इस घटना के बारे में जानकारी पाने के लिए अधिकारियों और विमान के मालिक के नंबर पर संपर्क किया है.
ऑनलाइन तस्वीरों में दिख रहे विमान के रजिस्ट्रेशन कोड से पता चलता है कि यह चीन में बना एक हल्का स्पोर्ट एयरक्राफ्ट है. ये विमान स्थानीय जनरल एविएशन कंपनी का है.
Flightradar24 से मिले और ऑनलाइन पोस्ट किए गए अनवेरिफाइड फ्लाइट डेटा से पता चलता है कि विमान का उड़ान का रास्ता काफी हद तक अपने तय रास्ते से भटक गया था.
बता दें कि 1 मई से नए और कड़े नियमों के तहत चीन की राजधानी को असल में ड्रोन-फ्री जोन बना दिया गया है. शहर के बड़े अधिकार क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सरकार की मंज़ूरी के बिना ड्रोन खरीदने, किराए पर लेने या उड़ाने की इजाज़त नहीं है.