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अमेरिकी सीनेटर बोले- चीन सोचता है भारत-US कमजोर होंगे, तभी ताकतवर होगा बीजिंग

अमेरिकी सीनेटर के मुताबिक अगर चीन ऐसा ही करता रहा तो चीन के पड़ोसियों के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा कि वे इस देश को एक गंभीर खतरा मानें, जो शांति प्रिय लोकतांत्रिक देशों के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल करता है.

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लद्दाख दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी. (फोटो-पीटीआई)
लद्दाख दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी. (फोटो-पीटीआई)

  • अमेरिकी सीनेटर ने पीएम को लिखी चिट्ठी
  • 'चीन के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका'
  • अपना बाजार नहीं खोलता चीन
भारत के खिलाफ चीन के विस्तारवादी नीतियों की अमेरिकी सीनेटर कड़े शब्दों में आलोचना कर रहे हैं. अमेरिका के एक सीनेटर ने कहा कि चीन कभी भी अंतरराष्ट्रीय समझौतों में यकीन नहीं करता है. रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अमेरिका चीन के खिलाफ भारत का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि चीन को लगता है कि वो तभी पावरफुल हो सकता है जब अमेरिका और भारत कमजोर होंगे.

अमेरिकी सीनेटर का पीएम मोदी को पत्र

सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए भारत का प्रयास सार्थक और सराहनीय है. पीएम मोदी को 2 जुलाई को लिखे पत्र में रिक स्कॉट ने गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

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रिक स्कॉट ने कहा, "अमेरिका भारत के साथ खड़ा है, जब आप कम्यूनिस्ट चीन के खिलाफ लड़ रहे हैं, इस मामले में एक शांतिपूर्ण समाधान निकालने की आपकी कोशिशों की मैं सराहना करता हूं."

चीन अपने वादे पूरे नहीं करता

चीन को लताड़ते हुए सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा कि दुर्भाग्य से हम जानते हैं कि कम्युनिस्ट चीन कभी अपने वादों को पूरा नहीं करता है, चीन दूसरे देशों से तकनीक चुराता रहता है और अपने बाजार को विदेशी सामानों के लिए नहीं खोलता है.

चीन की नीतियां लोकतांत्रिक देशों के लिए खतरा

उन्होंने कहा कि चीन को लगता है कि उसके मजबूत होने के लिए अमेरिका, भारत और आजादी को पसंद करने वाले दूसरे देशों का कमजोर होना जरूरी है. ये लोग हॉन्गकॉन्ग की आजादी और स्वायत्तता पर हमला कर रहे हैं, चीन ताइवान और भारत को धमकी दे रहा है."

अमेरिकी सीनेटर के मुताबिक अगर चीन ऐसा ही करता रहा तो चीन के पड़ोसियों के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा कि वे इस देश को एक गंभीर खतरा मानें जो शांति प्रिय लोकतांत्रिक देशों के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल करता है.

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