पितृपक्ष के बीच उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. ब्रह्मकपाल से लेकर बद्रीनाथ मंदिर परिसर तक हर तरफ भारी भीड़ नजर आ रही है. अपने पितरों की मोक्ष की कामना लेकर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि मंदिर में भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हैं, तो बद्रीनाथ हाईवे पर सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन दिखाई दे रही है.
पितृपक्ष के दौरान बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है. यही वजह है कि इन दिनों यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं. इसके बाद भगवान बदरी विशाल के दर्शन के साथ अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं. मान्यता है कि ब्रह्मकपाल में पिंडदान से पितरों को मोक्ष मिलता है.
8 दिन में 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष अमित सती के मुताबिक, पिछले आठ दिनों में 60 हजार से अधिक श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए ब्रह्मकपाल पहुंच चुके हैं. उनका कहना है कि इस बार पितृपक्ष में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा है.
उन्होंने बताया कि मुख्य यात्रा सीजन के बाद अक्टूबर में एक बार फिर बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. हालांकि, बढ़ती भीड़ के साथ ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया है. बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले दो दिनों से जाम की स्थिति बनी हुई थी, जिसमें रविवार को कुछ सुधार देखने को मिला.
डेढ़ महीने से ज्यादा समय बाकी, बढ़ सकती है भीड़
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण और पितृपक्ष के कारण बद्रीनाथ जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बना हुआ है. प्रशासन गेट सिस्टम समेत दूसरे उपायों के जरिए यातायात को व्यवस्थित करने में जुटा है. श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांचने की सलाह दी जा रही है.
बद्रीनाथ धाम में मंदिर परिसर की भीड़, ब्रह्मकपाल में पिंडदान करते श्रद्धालु और हाईवे पर कतार में दौड़ते वाहन इस समय यात्रा की तस्वीर बयां कर रहे हैं. कपाट बंद होने में अभी डेढ़ महीने से ज्यादा का समय बाकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है.