अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को खत्म कराने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल शुरू की है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि पाकिस्तान और ईरान पहले से मौजूद एक समझौता ज्ञापन यानी MoU को बहाल करने पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे अमेरिका-ईरान संघर्ष के व्यापक समाधान का रास्ता तैयार हो सके.
मोहसिन नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की. नकवी ने इस बैठक को बेहद सकारात्मक और सार्थक बताया. उन्होंने कहा कि बातचीत का मुख्य फोकस अमेरिका-ईरान संघर्ष, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और आगे की रणनीति पर रहा.
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अमेरिका-ईरान के तनाव में पाकिस्तान क्या कर सकता है?
मोहसिन नकवी के मुताबिक, बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि दोनों पक्षों के बीच पहले हुए इस्लामाबाद MoU को किस तरह बहाल किया जा सकता है. पाकिस्तान का मानना है कि इस समझौते की बहाली अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बड़े समाधान की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है.
बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अपनी सरकार का नजरिया और चिंताएं खुलकर सामने रखीं. नकवी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत हुई और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रगति दर्ज की गई.
अमेरिका-ईरान की जंग में मध्यस्थ बनने की कोशिश
पाकिस्तानी गृह मंत्री ने दावा किया कि बैठक बेहद सकारात्मक माहौल में खत्म हुई. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बातचीत से बनी गति को आगे भी कायम रखा जाएगा और इससे क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खुल सकता है.
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पाकिस्तान लंबे समय से खुद को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने वाले संभावित मध्यस्थ के तौर पर पेश करता रहा है. ऐसे में असीम मुनीर और मोहसिन नकवी की ईरानी नेतृत्व के साथ यह बातचीत इस कोशिश को आगे बढ़ाने का संकेत मानी जा रही है.
हालांकि, अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रस्तावित MoU को बहाल कराने की दिशा में बातचीत कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और क्या इससे अमेरिका-ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए कोई ठोस समझौता तैयार हो पाता है.