बिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई सर्वेक्षण को लेकर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने निशाना साधा है. उन्होंने मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे की तुलना रावण के पुष्पक विमान से की. तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री पर तंज कसा.
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को बिहार के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने पटना, बेगूसराय और भागलपुर के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने नवगछिया राघोपुर दियारा और कोसी-गंगा संगम क्षेत्र का भी निरीक्षण किया.
इसके अलावा उन्होंने बेगूसराय और बख्तियारपुर के आसपास के इलाकों की स्थिति देखी. हवाई सर्वे के बाद मुख्यमंत्री भागलपुर एयरपोर्ट पहुंचे. यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की.
सम्राट चौधरी के हवाई सर्वे को लेकर तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उन्होंने मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे की तस्वीर के साथ रावण के पुष्पक विमान की तस्वीर भी साझा की.
तेज प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री को हवाई सर्वे के बजाय नाव से बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जाना चाहिए. मुख्यमंत्री को खुद लोगों का हालचाल लेना चाहिए. साथ ही अपने हाथों से जरूरतमंदों को राहत सामग्री बांटनी चाहिए.
‘पुष्पक विमान’ को लेकर साधा निशाना
तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए कहा कि जिस तरह रावण पुष्पक विमान से घूमता था, उसी तरह मुख्यमंत्री भी पुष्पक विमान लेकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री से ‘पुष्पक विमान’ का सपना छोड़ने की अपील की. तेज प्रताप ने आरोप लगाया कि केवल हवाई सर्वे से बाढ़ प्रभावित गरीब लोगों की समस्या दूर नहीं होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जमीन पर उतरकर लोगों के बीच जाना चाहिए.
गौरतलब है, बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को संवेदनशील और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने को कहा. उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. प्रभावित लोगों तक भोजन और पीने का पानी पहुंचाने को कहा गया.
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मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री भी समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए. उन्होंने जरूरी मरम्मत का काम जल्द पूरा करने को कहा. साथ ही नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए.
सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से भी बात की. इसके बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए. अधिकारियों के अनुसार इससे पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है. आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है.