कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय को खाली कराने के लिए जारी दमकल विभाग के नोटिस पर रोक लगा दी है. बिल्डिंग में फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान कथित कमियां पाए जाने के बाद यह नोटिस जारी किया गया था.
जस्टिस कृष्णा राव ने गुरुवार को अधिकारियों को 4 सितंबर को जारी किए गए नोटिस पर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है. जस्टिस राव ने जगह खाली करने वाले नोटिस पर रोक लगा दी है. अब इस मामले में अंतिम आदेश 16 सितंबर को आना है.
कोर्ट का कहना है कि भले ही इमारत की फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की समय-सीमा खत्म हो चुकी थी लेकिन परिसर में कोई तत्काल खतरा नहीं था. साथ ही, ये भी कहा गया कि वहां मौजूद लोग जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए तैयार थे.
कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस के वकील ने बताया कि पार्टी 9, कैमक स्ट्रीट स्थित बिल्डिंग की छठी और सातवीं मंजिल पर किरायेदार है. यह लीज़ एग्रीमेंट 25 अगस्त 2026 को खत्म होने वाला था और इस मामले में एक सिविल केस भी लंबित है.
बता दें, हाल ही में दमकल विभाग ने फायर सेफ्टी उपायों में कमियों का हवाला देते हुए इमारत का निरीक्षण किया और छत पर एक अनधिकृत ढांचा और सातवीं मंजिल पर कई गैस सिलेंडर पाए. हालांकि नियमों के मुताबिक, पूरी इमारत को ही खतरनाक घोषित किया जाना चाहिए था लेकिन विभाग ने सिर्फ छठी और सातवीं मंजिल को ही असुरक्षित घोषित किया. बाद में, वहां से सिलेंडर हटा दिए गए.
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इस मामले में राज्य के एडवोकेट जनरल सुरोजित नाथ मित्रा ने बताया कि यह एक प्रशासनिक निर्णय था और इसके लिए किसी स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है. इमारत की मालकिन रमा देवी गोयनका के वकील ने बताया कि TMC के साथ एग्रीमेंट को खत्म कर दिया गया है.
इस मामले में सुनवाई के बाद जस्टिस राव ने अंतरिम रोक का आदेश दिया है. हालांकि, फिर से 16 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी.