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नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव: कांग्रेस के बाद लेफ्ट फ्रंट ने उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान

पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए माकपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. नंदीग्राम से शांतिगोपाल गिरि और रेजीनगर से सईद असद अली मैदान में उतारा है.

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लेफ्ट फ्रंट ने बंगाल उपचुनाव में उतारे उम्मीदवार. (सांकेतिक फोटो)
लेफ्ट फ्रंट ने बंगाल उपचुनाव में उतारे उम्मीदवार. (सांकेतिक फोटो)

माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया.

सीपीआई ने नंदीग्राम से शांतिगोपाल गिरि को टिकट दिया है तो रेजीनगर से सईद असद अली को मैदान में उतारा है. कांग्रेस के बाद लेफ्ट ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है, जबकि बीजेपी और टीएमसी ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं.


बंगाल की नंदीग्राम सीट बीजेपी और टीएमसी के बीच सियासी जंग का बड़ा मैदान रही है. 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने यहां से भारी जीत दर्ज की थी. गिरि ने इसी साल विधानसभा चुनाव में भी लेफ्ट के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें शुभेंदु अधिकारी के 1,27,301 वोटों के मुकाबले सिर्फ 2,997 वोट मिले थे. शुभेंदु ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी. उन्होंने बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखकर नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते ये उपचुनाव हो रहा है. जबकि रेजीनगर आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के छोड़ने के बाद खाली हुई है.

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रेजीनगर में बदला समीकरण

कांग्रेस ने शुक्रवार को ही रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहील काफी और नंदीग्राम से मिलन प्रधान को प्रत्याशी बनाया है. इन नामों को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंजूरी दी थी. रेजीनगर में लेफ्ट की वापसी एक बदलाव दिखाती है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा ने यहां प्रत्याशी नहीं उतारा था और पश्चिम बंगाल सोशलिस्ट पार्टी के तुषारकांति चट्टोपाध्याय का समर्थन किया था, जिन्हें सिर्फ 748 वोट मिले थे. हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नौदा दोनों सीटें जीती थीं. कबीर ने रेजीनगर सीट खाली कर अपने बेटे गुलाम नबी आजाद (रॉबिन) को मैदान में उतारा है.

टीएमसी में बिखराव

बंगाल में दो सीटों पर हो रहे ये उपचुनाव टीएमसी के लिए बेहद अहम है, जो विधानसभा चुनाव के बाद तीन धड़ों में बंट चुकी है. एक खेमा ममता बनर्जी और दूसरा ऋतब्रत बनर्जी के साथ है, जबकि टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद एनसीपीआई में शामिल होकर बीजेपी नेतृत्व एनडीए को समर्थन दे रहे हैं. दोनों प्रमुख टीएमसी खेमे प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रहे हैं. नंदीग्राम में इस बात पर नजर है कि क्या टीएमसी किसी स्थानीय 'धरती पुत्र' को उतारेगी.

अगले महीने होगी वोटिंग

चुनाव आयोग द्वारा घोषित उपचुनाव के कार्यक्रम के अनुसार प्रत्याशी 16 सितंबर तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी. 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद ये उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार और दोबारा एकजुट होने की कोशिश में जुटे टीएमसी विपक्ष के लिए पहली बड़ी चुनावी परीक्षा साबित होने जा रहा है.

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