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बंगाल में दिवाली पर बस ग्रीन क्रैकर्स जलाने की इजाजत, रात 8 से 10 बजे तक अलाउड

पश्चिम बंगाल में दिवाली पर केवल ग्रीन क्रैकर्स जलाने की इजाजत रहेगी. दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जला सकेंगे. वहीं, अस्पताल जैसे साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में क्रैकर्स जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी.

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साउंड क्रैकर्स के लिए पटाखों का साउंड लेवल 125 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए.(Photo: ITG)
साउंड क्रैकर्स के लिए पटाखों का साउंड लेवल 125 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए.(Photo: ITG)

पश्चिम बंगाल के होम सेक्रेटरी ने दिवाली के मौके पर केवल ग्रीन पटाखे जलाने की निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने बताया कि कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत होगी, जबकि छठ पूजा के दौरान सुबह 6 बजे से 8 बजे तक की इजाजत होगी.

इसके अलावा, क्रैकर मार्केट को रिहायशी इलाकों से दूर ओपन एरिया में लगाने को कहा गया है. वहीं, साउंड क्रैकर्स के लिए पटाखों का साउंड लेवल 125 डेसिबल और माइल्ड क्रैकर्स के लिए 90 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए.

अस्पताल जैसे साइलेंस जोन के 100 मीटर के दायरे में क्रैकर्स जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए सोर्स पॉइंट्स पर गहन निरीक्षण (इंटेंसिव इंस्पेक्शन) किया जाएगा.

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बता दें, ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों से अलग होते हैं, इनमें बैरियम नाइट्रेट जैसी जहरीली चीजें कम या बिल्कुल नहीं होती हैं. ये 30 से 40% कम प्रदूषण फैलाते हैं. ग्रीन पटाखे के पैकेट पर हरा रंग का 'CSIR-NEERI' लोगो छपा होता है. जिससे इनकी पहचान करना आसान हो जाता है.

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ग्रीन पटाखों का पैकेट मजबूत और साफ होता है. उस पर लिखा होता है 'ग्रीन क्रैकर' या 'एनईईआरआई अप्रूव्ड'. इसके साथ पटाखे का नाम, वजन और मैन्युफैक्चरर का नाम साफ लिखा होता है.

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