पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में ममता बनर्जी के करीबी और पूर्व पिंगला विधायक अजीत मैती को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें पिंगला इलाके से हिरासत में लिया गया. मैती जिले में टीएमसी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं. वह फिलहाल जिला परिषद में सह-सभाधिपति के पद पर हैं.
जानकारी के मुताबिक, अजीत मैती की गिरफ्तारी एक पुराने मामले में हुई है. हालांकि, स्थानीय पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी की वजह या उन पर लगी धाराओं को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. पुलिस की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है. अजीत मैती को अगले कुछ घंटों में मेदिनीपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा. इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया साफ होगी.
अजीत मैती पिंगला विधानसभा सीट से टीएमसी के विधायक रह चुके हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की थी. 2026 के विधानसभा चुनाव में भी टीएमसी ने उन्हें पिंगला से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि इस चुनाव में उन्हें बीजेपी के स्वागत मन्ना से हार का सामना करना पड़ा. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, मैती को 1,05,709 वोट मिले थे.
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नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान भी हुए गिरफ्तार
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई थी. 18 सितंबर को पुलिस ने उन्हें पुराने मामलों में गिरफ्तार किया था. उस समय नंदीग्राम में चुनावी घटनाक्रम तेजी से बदला था.
दरअसल, पहले ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस लिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया. इस ऐलान के कुछ ही घंटे बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हो गई.
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पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ पुराने मामलों में गिरफ्तारी वारंट थे. उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े मामलों में कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया था. बाद में हल्दिया की अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी का मामला कलकत्ता हाई कोर्ट भी पहुंचा. कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया. वहीं पुलिस ने कार्रवाई को पुराने मामलों और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा बताया.