यूपी विधानमंडल के मानूसन सत्र में 4 अगस्त को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा. सरकार इस अनुपूरक में संकल्प पत्र के वादों को जल्दी पूरा करने के लिए वित्तीय सुस्ती दूर करेगी. अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा जोर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली परियोजनाओं पर रहने की उम्मीद है. अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के बीच आने वाले इस अनुपूरक बजट में सरकार उन योजनाओं के लिए और रकम की व्यवस्था करेगी, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिलेगा. इनमें वे योजनाएं खास तौर पर शामिल होंगी, जो वर्ष 2022 में बीजेपी के संकल्प पत्र का हिस्सा थीं.
इस साल सरकार ने पेश किया था 9.12 लाख करोड़ का मूल बजट
सरकार ने इस साल फरवरी में 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था. उस बजट की दिशा बुनियादी सुविधाओं के विकास के अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र की गुणवत्ता सुधारने पर थी. वित्त विभाग सभी विभागों के प्रस्ताव लेने में जुटा है. कुछ के प्रस्ताव अभी आ रहे हैं.
वित्त विभाग इनके मूल्यांकन करवा रहा है. अगले दो-तीन दिन में अनुपूरक का आकार तय हो सकता है. जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार व विद्यालयों के आधुनिकरण और डिजिटल शिक्षा से भी जुड़े प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.
शहरी विकास परियोजनाओं को मिलेगी राशि
इसके अतिरिक्त नए औद्योगिक गलियारों, लॉजिस्टिक्स पार्क और शहरी विकास की परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि दी जा सकती है. जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र के विकास, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और औद्योगिक निवेश परियोजनाओं के लिए रकम की व्यवस्था होगी.
कैशलेस इलाज और मानदेय इजाफे के लिए अतिरिक्त रकम दी जा सकती है. सरकार युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास लिए रोजगार के इंतजाम से जुड़ी परियोजनाओं पर धन बढ़ा सकती है. इसके अलावा गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को जोड़ने की भी तैयारी होगी.