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बलिया: जितिया व्रत से पहले मडुआ की रोटी खाने से 50 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे बीमार, दुकान पर फूड सैंपलिंग, DM बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

Ballia News: बलिया में जितिया व्रत से पहले मडुआ (रागी) का आटा खाने से 50 से अधिक महिलाएं और बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार. जिला अस्पताल में भर्ती. DM ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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मडुआ का आटा खाने से कई गांवों में बिगड़ी सेहत.(Photo;Screengrab)
मडुआ का आटा खाने से कई गांवों में बिगड़ी सेहत.(Photo;Screengrab)

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुत्र की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले 'जितिया' (जियुतपुत्रिका) व्रत से ठीक पहले एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है. व्रत की पूर्व संध्या पर नहाई-खाय की परंपरा के तहत मडुआ (रागी) के आटे की रोटी खाने से दो-तीन गांवों की लगभग 40 से 50 महिलाएं और छोटे बच्चे अचानक फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए. तबीयत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में सभी प्रभावितों को इलाज के लिए बलिया के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

दरअसल, प्रभावित लोग मुख्य रूप से बांसडीह तहसील इलाके के आसचौरा, चौकन और छाता गांवों के रहने वाले हैं. जितिया व्रत की परंपरा के अनुसार व्रत की शुरुआत से पहले प्रसाद के रूप में मडुआ (रागी) के आटे की रोटी खाने का रिवाज है.

बुधवार-गुरुवार को महिलाओं ने पास ही की स्थानीय दुकान से खरीदे गए मडुआ के आटे की रोटियां बनाकर खुद खाईं और बच्चों को भी खिलाईं. रोटी खाने के कुछ ही देर बाद महिलाओं और बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी. देखते ही देखते दर्जनों लोगों की हालत बिगड़ने पर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जिला अस्पताल में अफरा-तफरी 
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. बीमार महिलाओं और बच्चों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित गांवों में डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस रवाना की गईं ताकि अन्य लोगों की भी जांच की जा सके.

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DM ज्ञानेंद्र सिंह का बयान
मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए बलिया के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया, ''यह मामला हमारे संज्ञान में आया है कि छाता व आसपास के गांवों में कुछ लोगों ने जितिया व्रत की परंपरा के तहत मडुआ का आटा खाया था, जिससे उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई है. फिलहाल जिला अस्पताल में लगभग 25 महिलाएं और कुछ बच्चे भर्ती हैं, जिनका प्रॉपर इलाज चल रहा है. स्थिति नियंत्रण में है. गांव में भी एम्बुलेंस और मेडिकल टीम भेजी गई है. जिस दुकान से आटा खरीदा गया था, वहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भेजकर सैंपलिंग कराई जा रही है. जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी दुकानदारों और खाद्य आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.'' (रिपोर्ट:- अनिल अकेला)

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