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'4 दिन का सत्र या सिर्फ औपचारिकता...', मायावती ने सरकार और विपक्ष दोनों को घेरा

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसमें योगी सरकार अपने साढ़े 9 साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करेगी. विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए सवालों की लंबी सूची तैयार की है.

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मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र को लेकर सवाल उठाए हैं  (Photo: PTI)
मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र को लेकर सवाल उठाए हैं (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. चढ़ावा चोरी और पेपर लीक जैसे छात्रों के मुद्दों के कारण यह सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है. इस दौरान एक तरफ योगी सरकार अपने साढ़े 9 साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लेकर सदन में उतरेगी, तो विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए सवालों की लंबी लिस्ट तैयार कर रखी है, लेकिन इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार को घेरा है, साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाए हैं.

यूपी सरकार लाएगी अनुपूरक बजट

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू हो रहा है. 4 अगस्त को सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी. मायावती ने कहा कि सिर्फ चार कार्य दिवस का सत्र होने से जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की उम्मीद कम है. संसद की तरह यूपी विधानसभा भी दलगत राजनीति, हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट न चढ़े, इसकी अपेक्षा जताई.

मायावती ने उठाए सवाल

मायावती ने कहा कि अफसरशाही को संविधान और जनहित के प्रति जवाबदेह बनाए रखने के लिए विधायिका का प्रभाव मजबूत रहना जरूरी है. सवाल उठाया कि इतने संक्षिप्त सत्र में विधानसभा अपना वास्तविक उद्देश्य पूरा कर पाएगी या यह केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी. मायावती ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के लिए सरकार और विपक्ष, दोनों का गंभीर संसदीय आचरण जरूरी है.

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क्या संभल बनेगा सियासी प्रयोगशाला?

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वित्त मंत्री 4 अगस्त को अनुपूरक बजट पेश करेंगे. इसके अगले दिन अन्य विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा, और 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद सरकार इसे पास कराएगी. सत्र के दौरान सरकार पिछले सत्र के बाद लाए गए 9 अध्यादेशों के स्थान पर उनके प्रतिस्थानी विधेयक और कुछ नए विधेयक पारित कराएगी.

सरकार विभिन्न विभागों के CAG (नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक) के प्रतिवेदन और संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जाएगी. संभल को योगी सरकार 2027 के लिए सियासी प्रयोगशाला बनाने के जुगत में है. ऐसे में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले संभल हिंसा की रिपोर्ट को पेश कर सपा को सियासी कठघरे में खड़े करने का प्लान है.

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