रामनगरी अयोध्या में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ सुर्खियों में बना हुआ है. पिछले कई दिनों से देशभर की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी हैं और अब जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अविनाश शुक्ला के यहां से कैश के साथ-साथ 1121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद हुए हैं. इसके अलावा चांदी और पीली धातु के आभूषण, सिक्के और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, बरामदगी से जुड़ी यही विस्तृत रिपोर्ट उच्च स्तर तक भेजी गई थी. बरामदगी के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक कैश अविनाश शुक्ला के यहां से मिली है. जांच के अनुसार उनके ठिकाने से 20 लाख 39 हजार रुपये कैश बरामद किए गए हैं. यहीं से 1121 अमेरिकी डॉलर भी मिले, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इसके अलावा लगभग 159.54 ग्राम चांदी जैसी धातु, 8.14 ग्राम पीली धातु की चेन और 3.44 ग्राम पीली धातु का एक अन्य आभूषण भी बरामद होने की जानकारी दस्तावेजों में लिखा गया है. विदेशी मुद्रा की बरामदगी को लेकर जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डॉलर कहां से आए और उनका इस मामले से क्या संबंध है.
करुणेश पाण्डेय के यहां भी मिली बड़ी रकम
बरामदगी के आंकड़ों में दूसरे प्रमुख नाम करुणेश पाण्डेय का है. दस्तावेजों के अनुसार उनके यहां से 18 लाख 07 हजार 63 रुपये कैश बरामद किए गए. इस रकम में विभिन्न मूल्य वर्ग के नोटों के साथ सिक्के भी शामिल बताए गए हैं. जांच एजेंसियां इस नकदी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों का भी परीक्षण कर रही हैं. अनुकल्प मिश्र के यहां से भी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने का उल्लेख किया गया है. बरामदगी सूची के अनुसार उनके पास से 16,82,040 रुपये नकद मिले.
लवकुश मिश्रा के पास मिले 14.25 लाख रुपये
दस्तावेज बताते हैं कि लवकुश मिश्रा के यहां से 14,25,000 रुपये नकद बरामद हुए. विशेष बात यह है कि यह पूरा पैसा 500 रुपये के 2850 नोटों के रूप में दर्ज की गई है. जांच अधिकारी अब यह भी देख रहे हैं कि नकदी के पैटर्न और बरामदगी के बीच कोई समानता या विशेष कड़ी तो नहीं है. रामाशंकर मिश्रा के यहां से 7,32,170 रुपये कैश मिलने का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा दो सफेद धातु के सिक्के और लगभग 24.72 ग्राम वजन का एक बिछुआ भी बरामद होने की जानकारी दस्तावेजों में दर्ज है. इन वस्तुओं को भी जांच के दौरान जब्त कर सुरक्षित रखा गया है.
मनीष यादव के यहां से दो लाख रुपये बरामद
दस्तावेजों के अनुसार मनीष कुमार यादव के यहां से कुल 2 लाख रुपये कैश मिले हैं. रिपोर्ट में नोटों का विस्तृत विवरण भी दर्ज है. इसमें 500, 200 और 100 रुपये के नोट शामिल बताए गए हैं. जांच रिपोर्ट के मुताबिक रामशंकर यादव उर्फ टिंकू के हॉस्टल कमरे से 1,00,000 रुपये नकद बरामद किए गए. दस्तावेजों में उल्लेख है कि यह बरामदगी उनके हॉस्टल, न्यू टीचर्स कॉलोनी स्थित कमरे से हुई. इस पूरे मामले में सामने आए दस्तावेज इसलिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इनमें प्रत्येक आरोपी से बरामद सामग्री का अलग-अलग विवरण दर्ज है. सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि बरामदगी का रिकॉर्ड किस प्रकार तैयार किया गया और जांच की प्रक्रिया किस क्रम में आगे बढ़ी.
लगातार जुटाए जा रहे सबूत
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार साक्ष्य जुटा रहे हैं. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर मिली खामियों को देखते हुए सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पिछले पांच साल में मंदिर ट्रस्ट की ओर से कराए गए ऑडिट की जांच का निर्णय लिया है. इसमें एसआईटी देखेगी कि ऑडिट में कहां खामियां हैं. सूत्रों के मुताबिक इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका है. अब तक की जांच में एसआईटी को ऐसे सुबूत मिले हैं. माना जा रहा है कि इससे अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. एसआईटी के तीनों अधिकारी लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन आज बैठक कर सकते हैं. इसके बाद वह अयोध्या आ सकते हैं.
कमरे में मिला था संदूक
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में उसके कमरे से रामराज्य कोष लिखा एक संदूक मिला है. उस पर क्यूआर कोड भी लगा है. पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला धन कहां से आता था और उसका राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं. अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं. पुलिस क्यूआर कोड से लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है. पुलिस ने कल आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के पैतृक घरों पर छापा मारा. करीब तीन घंटे चली छानबीन के दौरान परिवार वालों के बयान भी दर्ज किए. पुलिस दोनों के माता-पिता को साथ लेकर गई.