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90 हजार लाठी, हेलमेट और शील्ड... हिंसक प्रदर्शनों से निपटने की UP पुलिस की तैयारी

उत्तर प्रदेश पुलिस हिंसक प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर नए सुरक्षा उपकरण खरीदने जा रही है. पुलिस लाठी, हेलमेट और PVC शील्ड खरीदेगी. इसके अलावा 1,500 बैलिस्टिक शील्ड और 1,500 लाउड हेलर भी खरीदे जाएंगे. इसके लिए गृह विभाग ने 29.45 करोड़ रुपये जारी किए हैं.

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योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी पुलिस को खरीद के लिए 29 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए हैं. (Photo- Getty)
योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी पुलिस को खरीद के लिए 29 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए हैं. (Photo- Getty)

उत्तर प्रदेश पुलिस अब हिंसक प्रदर्शन और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारी और मजबूत करने जा रही है. पुलिस के लिए 90 हजार लाठी, हेलमेट और शील्ड खरीदी जाएंगी. इसके अलावा पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए बैलिस्टिक शील्ड और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउड हेलर भी खरीदे जाएंगे.

इन उपकरणों की खरीद के लिए यूपी सरकार के गृह विभाग ने 29.45 करोड़ रुपये जारी किए हैं. खरीद और इन उपकरणों को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस की लॉजिस्टिक शाखा को दी गई है. डीजीपी मुख्यालय की मंजूरी के बाद खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

30-30 हजार लाठी, हेलमेट और PVC शील्ड

यूपी पुलिस 30 हजार PVC लाठी खरीदेगी. एक लाठी की कीमत 500 रुपये तय की गई है. इसके साथ ही 30 हजार हेलमेट खरीदे जाएंगे, जिनकी कीमत 2,600 रुपये प्रति हेलमेट होगी. पुलिस 30 हजार PVC शील्ड भी खरीदेगी. एक शील्ड की कीमत 4,000 रुपये निर्धारित की गई है. इन तीनों उपकरणों की संख्या 30-30 हजार है, यानी कुल 90 हजार लाठी, हेलमेट और शील्ड खरीदी जाएंगी.

PVC लाठियां पुलिस और आरएएफ के जवान प्रदर्शनों को काबू में करने के लिए करते हैं. (Photo- PTI)

 

बैलिस्टिक शील्ड भी होंगी शामिल

हिंसक घटनाओं के दौरान पुलिसकर्मियों को गंभीर चोट से बचाने के लिए 1,500 बैलिस्टिक शील्ड भी खरीदी जाएंगी. एक बैलिस्टिक शील्ड की कीमत 49,500 रुपये तय की गई है. इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को जरूरी चेतावनी देने के लिए 1,500 लाउड हेलर खरीदे जाएंगे. एक लाउड हेलर की कीमत 5,000 रुपये होगी.

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पीवीसी लाठियों के साथ हेलमेट और शील्ड भी खरीदने का प्लान है. (सांकेतिक तस्वीर)

आंदोलनों में पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद फैसला

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब हाल के दिनों में दिल्ली समेत कई शहरों में हुए अलग-अलग आंदोलनों के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं.

भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिस के कुछ तरीकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में यूपी पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा और संचार उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है. सरकार का मकसद हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालना है.

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