महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार का दिन हलचल भरा रहने वाला है. कैबिनेट की बैठक इस बार मंगलवार की जगह सोमवार दोपहर होगी. इसके बाद महायुति के बड़े नेता डिनर पर जुटेंगे. इससे पहले रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फडणवीस से वर्षा बंगले पर मुलाकात की थी.
बैठक का दिन बदलने की आधिकारिक वजह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मंगलवार को मुंबई से बाहर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना बताई गई है. मगर कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद होने वाली गठबंधन नेताओं की बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है. फडणवीस के हालिया दिल्ली दौरे के बाद यह घटनाक्रम और ध्यान खींच रहा है.
बैठक और डिनर का पूरा कार्यक्रम
कैबिनेट बैठक सोमवार दोपहर सह्याद्री गेस्ट हाउस में होगी. इसके बाद महायुति के प्रमुख नेताओं की बैठक वर्षा बंगले पर रखी गई है. इसमें फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के बीच अहम बातचीत होगी. इसके बाद गठबंधन के मंत्रियों, बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी के नेताओं के लिए डिनर रखा गया है. आधिकारिक तौर पर इसका मकसद आपसी तालमेल मजबूत करना, मतभेद सुलझाना और सरकार के कामकाज को रफ्तार देना बताया जा रहा है.
बदलाव की अटकलें क्यों?
बैठकों का यह सिलसिला ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र में राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. कैबिनेट की बैठक का अचानक एक दिन पहले होना, उसके बाद महायुति के शीर्ष नेताओं का साथ बैठना इन चर्चाओं को और हवा दे रहा है. हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि फडणवीस महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हैं और राज्य से जुड़े कामकाज पर उनका ध्यान बना हुआ है.

सैनी ने भी की फडणवीस से मुलाकात
इन सब सियासी अटकलों के बीच रविवार को मुंबई में एक शिष्टाचार मुलाकात भी हुई. हरियाणा से आए सीएम नायब सिंह सैनी ने फडणवीस के सरकारी आवास 'वर्षा' बंगले पहुंचकर उनसे भेंट की. फडणवीस ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
अब सबकी नजर सोमवार को होने वाली बैठकों पर है. कैबिनेट बैठक के बाद महायुति के नेता जब एक साथ बैठेंगे, तब उनकी चर्चा से राज्य की राजनीति को लेकर कुछ संकेत मिल सकते हैं.