वाराणसी में एक बार फिर शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है. यहां जीत का सेहरा समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव के सिर पर बंधा है. लगभग 5000 वोट से सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा को हरा दिया है. लाल बिहारी ने पिछली बार की तुलना में पांच गुना मार्जिन से जीत हासिल की है.
वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने के बाद खास बातचीत में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने बताया कि यह पूरी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के खिलाफ शिक्षकों का आक्रोश है. हम धन्यवाद देना चाहते हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिन्होंने शिक्षकों की पीड़ा को समझा और शिक्षकों की पीड़ा को हल करने की घोषणा की. उन्होंने आगे बताया कि जीत के 5000 वोट का अंतर यह सबूत है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पढ़े लिखे ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी किए हुए लोगों का भरोसा है.
पिछले साल के मुकाबले 5 गुना से ज्यादा मार्जिंन की जीत
लाल बिहारी यादव ने कहा कि पिछली बार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा बड़ी मार्जिन से जीत हासिल करने के पीछे भाजपा के प्रति लोगों की बड़ी नाराजगी है. शिक्षक एमएलसी में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार भारतीय जनता पार्टी के दावे कि प्रबुद्ध वर्ग उनके साथ है.
लाल बिहारी यादव ने इसको भाजपा के लिए बहुत बड़ा संदेश बताया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पढ़े-लिखे लोग एंटी बीजेपी मानसिकता के हैं. शिक्षा को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नीति इतनी खराब है कि उन्होंने शिक्षा को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है. वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय को इन्होंने 2017 में आते ही बंद कर दिया. मदरसों में मिलने वाले आधुनिक शिक्षकों के मानदेय को केंद्र और प्रदेश दोनों ही सरकारों ने बंद कर दिया.
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में पुरानी पेंशन नीति को बंद किया गया. इस सरकार के पास मौका था, लेकिन फिर भी इसे बहाल नहीं किया. इस सरकार ने एडेड विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली को भी बर्बाद कर दिया. एक भी संस्कृत विद्यालय इन्होंने ग्रांट पर नहीं लिया. इसी वजह से सारे संवर्ग के शिक्षक इनसे नाराज हैं.
आगरा में सपा एमएलसी ने लगाया मारपीट का आरोप
वहीं दूसरी ओर आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल जीत गए हैं. इससे पहले देर मतगणना के दूसरे राउंड के आखिरी में हुए हंगामे और मारपीट को लेकर सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी पर गंभीर आरोप लगाए थे. आकाश अग्रवाल का कहना था कि विवाद की शुरुआत भाजपा प्रत्याशी की तरफ से हुई थी. उन्होंने कहा कि काउंटिंग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरे घटनाक्रम का सच सामने ला सकते हैं.
आकाश अग्रवाल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से साफ हो जाएगा कि झगड़ा किसने किया और किस पर जानलेवा हमला हुआ. उन्होंने पिछली बार के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उनकी जीत के बाद तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी ने मंडलायुक्त को खरीदने का आरोप लगाया था.