जरा सोचिए... अगर कोई शख्स 35 से 40 साल की उम्र पार कर चुका हो, शादी की उम्मीद लगभग छोड़ चुका हो और तभी उसे रिश्ता मिलने की खबर आए... तो वह क्या करेगा? बस इसी मजबूरी और उम्मीद का फायदा उठा रहा था एक शातिर गैंग, जिसका भंडाफोड़ अब उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने कर दिया है.
दरअसल,यह गिरोह अंतर्राज्यीय खास तौर पर हरियाणा और राजस्थान के उन युवकों को निशाना बनाता था जिनकी किसी कारणवश अब तक शादी नहीं हुई थी. गिरोह के सदस्य पहले अपने नेटवर्क के जरिए ऐसे युवकों से संपर्क करते थे और उन्हें भरोसा दिलाते थे कि गोरखपुर में उनके लिए अच्छा रिश्ता है.
जब युवक अपने परिवार के साथ गोरखपुर पहुंचता, तो पूरा नाटक शुरू होता. कोई लड़की की बहन बन जाता, कोई भाई तो कोई मौसी. लड़की दिखाई जाती, बातचीत होती और कुछ ही देर में रिश्ता भी तय करा दिया जाता. इसके बाद एक बंद कमरे में सिंदूर, मंगलसूत्र और अन्य रस्मों के साथ शादी जैसी औपचारिकताएं भी पूरी करा दी जाती थीं.
लेकिन असली खेल यहीं से शुरू होता था.
पूर्व नियोजित योजना के तहत गिरोह के कुछ सदस्य फर्जी पुलिसकर्मी बनकर मौके पर पहुंचते और छापा मारने का ड्रामा करते. वे आरोप लगाते कि लड़की को जबरन बंधक बनाकर शादी कराई जा रही है. अचानक हुई इस कार्रवाई से दूल्हा और उसके परिजन घबरा जाते. फिर उन्हें जेल भेजने और मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर मोटी रकम की मांग की जाती. पैसा मिलने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाता था.
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय से इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. जांच के बाद पुलिस ने पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है और उन्हें जेल भेज दिया गया है.
क्या कहना है पुलिस का?
वही इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सीओ कैंपियरगंज अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि इस गिरोह के कुल आठ सदस्यों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर के तहत कार्यवाई की जा रही है. ये लोग अंतर्राज्यीय लोगों को शादी के खेल में फँसाते थे और गोरखपुर बुलाकर फ़र्ज़ी पुलिस वाला बनकर वसूली करते थे.