आज के दौर में एक अच्छी नौकरी और अच्छी सैलरी पाना कई लोगों का सपना होता है. लेकिन क्या हो जब किसी के पास पहले से दो रिमोट नौकरियां हों और उनसे हर महीने करीब 2.95 लाख रुपये की कमाई हो रही हो? बेंगलुरु की एक कंपनी से 43.5 लाख रुपये सालाना फिक्स्ड CTC का ऑफर मिलने के बाद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसी उलझन में है. नई नौकरी में सैलरी अच्छी है लेकिन इसके लिए उसे दोनों मौजूदा नौकरियां छोड़कर बेंगलुरु शिफ्ट होना पड़ेगा. उसने रेडिट पर अपनी परेशानी शेयर की जिसने नई चर्चा शुरू हो गई है.
11 साल का अनुभव, दो नौकरियों से हो रही कमाई
सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने यूजर्स ने रेडिट के r/developersIndia फोरम पर बताया कि उसे इस क्षेत्र में करीब 11 साल का अनुभव है. फिलहाल वह दो रिमोट नौकरियां कर रहा है जिनसे उसे हर महीने कुल करीब 2.95 लाख रुपये मिलते हैं. उसके मुताबिक, पहली नौकरी का सालाना CTC 27 लाख रुपये है.
हालांकि, घर से काम करने के कारण Loss of Pay (LOP) लागू होने की वजह से उसे हर महीने करीब 70 हजार रुपये ही इन-हैंड मिलते हैं. वहीं, दूसरी रिमोट नौकरी का सालाना CTC 30 लाख रुपये है, जिससे हर महीने करीब 2.25 लाख रुपये इन-हैंड मिलते हैं. इस तरह दोनों नौकरियों से उसकी कुल मासिक कमाई करीब 2.95 लाख रुपये हो जाती है. घर से काम करने की वजह से उस एक शहर से दूसरे शहर जाने की जरूरत भी नहीं होती है.
बेंगलुरु से मिला 43.5 लाख रुपये का ऑफर
लेकिन इसी बीच इंजीनियर को बेंगलुरु में एक कंपनी से नई कंपनी का ऑफर मिला है. इसमें उसकी सालाना फिक्स्ड CTC 43.5 लाख रुपये है. इसके अलावा 4.35 लाख रुपये तक का सालाना वैरिएबल बोनस भी दिया जाएगा. लेकिन जो बात इंजीनियर को परेशान कर रही है, वह ये है कि नई नौकरी हाइब्रिड मॉडल पर आधारित है. यानी कर्मचारी को हफ्ते में तीन दिन ऑफिस जाना होगा.

इंजीनियर का अनुमान है कि वैरिएबल पे को मिलाकर उसे हर महीने करीब 2.9 लाख रुपये इन-हैंड मिल सकते हैं. हालांकि, फिक्स्ड सैलरी से मिलने वाली वास्तविक इन-हैंड रकम अभी साफ नहीं है. इस नौकरी को स्वीकार करने का मतलब होगा कि उसे अपनी दोनों मौजूदा नौकरियां छोड़नी होंगी. खासकर दूसरी रिमोट नौकरी को नई नौकरी के साथ जारी रखना उसके लिए संभव नहीं लग रहा.
बेंगलुरु में बढ़ जाएगा रहने का खर्च
परेशानी यहीं पर खत्म नहीं होती है या उसके सामने केवल सैलरी का सवाल नहीं है बल्कि नई नौकरी के लिए उसे बेंगलुरु शिफ्ट होना होगा, जहां किराया, आने-जाने, राशन और रोजमर्रा के दूसरे खर्च भी बढ़ेंगे. उसने बताया कि बेंगलुरु में रहने के लिए हर महीने करीब 50 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें 25 से 30 हजार रुपये किराया और बाकी रकम यात्रा, राशन तथा दूसरे जरूरी खर्चों पर जा सकती है. उसके हिसाब से अगर 2.9 लाख रुपये इन-हैंड मिलते हैं, तो इन खर्चों के बाद करीब 2.4 लाख रुपये बचेंगे. इसमें परिवार की अन्य जिम्मेदारियों का खर्च शामिल नहीं है.

इंजीनियर ने अपनी बेटी के भविष्य, मां की देखभाल और बहन की आने वाली शादी जैसी जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया है. ऐसे में उसके लिए नौकरी बदलने का फैसला सिर्फ सैलरी के आधार पर लेना आसान नहीं है.
दो नौकरियां करने पर भी उठे सवाल
लेकिन सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या दो नौकरियां करना कितने हद तक सही है? रेडिट पर यूजर इसे लेकर सवाल कर रहे हैं कि वह एक साथ दो नौकरियां कैसे कर रहा है और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान उसे कोई परेशानी नहीं हुई. वहीं, एक यूजर ने उससे पूछा कि दो कंपनियों में काम करने की जानकारी और PF रिकॉर्ड को वह कैसे संभालता है. इस पर इंजीनियर ने जवाब दिया कि उसकी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्टर्ड है और सैलरी उसी खाते में आती है. यह जानकारी भी उसने अपनी Reddit पोस्ट के जवाब में दी है.
Reddit पर अलग है लोगों की राय
इंजीनियर की पोस्ट पर यूजर्स की राय अलग-अलग रही. कुछ लोगों ने उसे बेंगलुरु का ऑफर स्वीकार करने की सलाह दी. उनका कहना था कि दो नौकरियां एक साथ करना जोखिम भरा हो सकता है और एक स्थिर नौकरी चुनना बेहतर रहेगा. वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि जब मौजूदा व्यवस्था में हर महीने करीब 2.95 लाख रुपये मिल रहे हैं और घर से काम करने की सुविधा भी है, तो लगभग इतनी ही इन-हैंड सैलरी के लिए शहर बदलना आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं दिखता. कुछ लोगों ने नई कंपनी से ज्यादा सैलरी पर बातचीत करने की सलाह भी दी.
फिलहाल इंजीनियर ने यह फैसला नहीं किया है कि वह दोनों रिमोट नौकरियां जारी रखेगा या बेंगलुरु का ऑफर स्वीकार करेगा. उसकी दुविधा यही है कि नई नौकरी से करियर को एक दिशा मिल सकती है, लेकिन शहर बदलने और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उसकी बचत पर असर पड़ सकता है.