बाएं हाथ पर बड़े अक्षरों में लिखा है- 'अतुल की गुजरी'. यह सिर्फ एक टैटू नहीं था, बल्कि उस प्रेम कहानी की पहचान थी, जिसके लिए दामिनी और अतुल ने छह साल पहले परिवार की परवाह किए बिना एक-दूसरे का हाथ थामा था. दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, एक-दूसरे के नाम को हमेशा के लिए अपने शरीर पर दर्ज कराया और नई जिंदगी की शुरुआत की. लेकिन वक्त का ऐसा पहिया घूमा कि आज वही टैटू मेरठ के चर्चित 'Snake Murder' केस की सबसे बड़ी चर्चा बन गया है.
पुलिस का दावा है कि जिस दामिनी ने कभी अपने हाथ पर पति के नाम का टैटू बनवाकर प्यार का इजहार किया था, वही बाद में स्कूल के ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की के करीब आ गई. जांच के मुताबिक रिश्तों में आई यह दूरी धीरे-धीरे ऐसी साजिश में बदल गई, जिसमें पहले कार से टक्कर मारकर हत्या की कोशिश हुई और जब वह नाकाम रही तो जहरीले सांप के जरिए मौत का प्लान बनाया गया. मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. शुरुआत में हर किसी को लगा कि अतुल पंवार की मौत सांप के काटने से हुई एक दर्दनाक दुर्घटना है. पत्नी खुद पति को अस्पताल लेकर पहुंची थी. बिस्तर में सांप भी मिला था. ऐसे में किसी को शक करने की कोई खास वजह नहीं दिखी. लेकिन पुलिस ने घटनास्थल पर कुछ ऐसी बातें देखीं, जिन्होंने पूरी कहानी का रुख बदल दिया.
छह साल पहले शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पुलिस के मुताबिक अतुल पंवार और दामिनी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था. दोनों ने परिवारों के विरोध के बावजूद साथ रहने का फैसला किया. शादी के बाद दोनों ने नई जिंदगी शुरू की और धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश की. बताया जाता है कि दोनों का सपना अपना स्कूल चलाने का था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने हस्तिनापुर के रामलीला मैदान के पास कृष्णा किड्स पब्लिक स्कूल शुरू किया. स्कूल छोटा था, लेकिन दोनों की मेहनत बड़ी थी. आसपास रहने वाले लोग उन्हें मेहनती दंपती के रूप में जानते थे. इसी दौरान दामिनी ने अपने हाथ पर "अतुल की गुजरी" लिखवाकर टैटू बनवाया. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह टैटू उनके रिश्ते की गहराई की पहचान माना जाता था. शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही टैटू पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन जाएगा.
दो-तीन महीने पहले हस्तिनापुर आए
पुलिस जांच में सामने आया कि दामिनी और अतुल करीब दो से तीन महीने पहले ही हस्तिनापुर में किराये के मकान में रहने आए थे. यहीं से दोनों स्कूल का संचालन कर रहे थे. पड़ोसियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के रिश्तों में तनाव नजर आने लगा. हालांकि किसी ने खुलकर इस बारे में कुछ नहीं कहा. इसी बीच स्कूल में ड्राइवर के रूप में तुषार उर्फ निक्की की एंट्री हुई.
दिन में कई बार घर आता था तुषार
स्थानीय लोगों के मुताबिक तुषार का घर पर लगातार आना-जाना था. वह स्कूल की वैन चलाता था और दामिनी को स्कूल लाने-ले जाने का काम भी करता था. कुछ लोगों का दावा है कि वह दिन में दो-तीन बार भी घर आता-जाता था. पुलिस के अनुसार तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल से दोनों के लगातार संपर्क में रहने की पुष्टि हुई. जांच में यही रिश्ता पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आया. पुलिस जांच का सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि अतुल को मारने की कथित योजना सिर्फ सांप तक सीमित नहीं थी. जांच के अनुसार करीब 20 दिन पहले तुषार ने अर्टिगा कार से अतुल को टक्कर मारने की कोशिश की थी. लेकिन उस दिन अतुल ने हेलमेट पहन रखा था. तेज टक्कर के बावजूद हेलमेट ने उनकी जान बचा ली. जब अतुल ने इस मामले में पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो पुलिस के अनुसार दामिनी ने उन्हें समझाकर मामला टाल दिया. कहा गया कि गाड़ी का नंबर नहीं पता, इसलिए शिकायत करने से कोई फायदा नहीं होगा. पुलिस का मानना है कि पहली कोशिश नाकाम होने के बाद कथित साजिश का दूसरा चरण शुरू हुआ.
'Snake Murder' की कथित योजना कैसे बनी?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अतुल से छुटकारा पाने की कथित योजना कई दिनों से तैयार की जा रही थी. सूत्रों का दावा है कि इंटरनेट पर जहरीले सांपों के बारे में जानकारी जुटाई गई. करैत सांप की पहचान, उसके जहर और उसके असर को लेकर ऑनलाइन सर्च किए गए. जांच में तुषार के मोबाइल से डिब्बे में बंद एक सांप की तस्वीर भी मिली है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में उसने बताया कि यह तस्वीर उसी सांप की थी, जैसा सांप लाने की बात सपेरों से कही गई थी. सूत्रों के अनुसार सपेरों को कथित तौर पर एडवांस रकम भी दी गई थी.
दूध, नींद की गोलियां और फिर सांप
पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात अतुल को दूध में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां दी गईं. जब वह गहरी नींद में चले गए तो जहरीले सांप को उनके बिस्तर और कंबल के पास छोड़ दिया गया. अगली सुबह दामिनी पति को अस्पताल लेकर पहुंची और बताया कि उन्हें सांप ने काट लिया है. डॉक्टरों ने अतुल को मृत घोषित कर दिया. पहली नजर में यह मामला सामान्य सांप के काटने से मौत का लग रहा था, लेकिन घटनास्थल पर मिले हालात ने पुलिस को सोचने पर मजबूर कर दिया. मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के अनुसार सांप का व्यवहार और घटनास्थल की स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी. इसी वजह से पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पूछताछ के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर पुलिस ने पूरी कथित साजिश का खुलासा करने का दावा किया.
क्या दामिनी को कोई पछतावा है?
गिरफ्तारी के बाद जब दामिनी को पुलिस अपने साथ लेकर जा रही थी तो मीडिया ने उससे कई सवाल पूछे. सबसे ज्यादा पूछा गया सवाल था- क्या आपको अपने किए पर पछतावा है? दामिनी ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. वह पूरी तरह खामोश रही. वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में उसने कथित तौर पर कहा कि वह अतुल के साथ नहीं रहना चाहती थी और उससे छुटकारा चाहती थी. हालांकि इस कथित बयान की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस के अनुसार अतुल पंवार के नाम करीब 20 लाख रुपये का जीवन बीमा था. जांच में प्रेम संबंधों के साथ बीमा राशि का पहलू भी सामने आया है. आरोप है कि बीमा की रकम मिलने के बाद नई जिंदगी शुरू करने की योजना बनाई गई थी. पुलिस इस पूरे आर्थिक पहलू की भी जांच कर रही है.