फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से मिली हार के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का गुस्सा मैदान पर फूट पड़ा. न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खिताबी मुकाबला खत्म होने के तुरंत बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिआंड्रो परेडेस (Leandro Paredes) और स्पेन के खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प हो गई. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
फाइनल की आखिरी सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी अपनी ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहे थे. इसी दौरान परेडेस सीधे स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया के पास पहुंचे और उनसे बहस शुरू कर दी. कुछ ही सेकंड में मामला इतना बढ़ गया कि परेडेस ने गार्सिया को दो बार मुक्का मार दिया.
Paredes, what a disgraceful player. FIFA should give him a five-year ban. pic.twitter.com/U70VlaBV5B
— Blessed (@BlessedUtd) July 19, 2026
स्थिति को संभालने के लिए स्पेन के मिडफील्डर गावी बीच-बचाव करने पहुंचे. गावी ने दोनों खिलाड़ियों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन परेडेस का गुस्सा शांत नहीं हुआ. उन्होंने गावी की तरफ भी हाथ उठाया.
हालांकि इसके बावजूद परेडेस का हाथ गावी के चेहरे पर लग गया. इसके बाद दोनों टीमों के अन्य खिलाड़ी और अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह मामला शांत कराया.
🚨 Gavi and Leandro Paredes clash after the final whistle of Spain vs Argentina.
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इसी बीच अर्जेंटीना के खिलाड़ी थियागो अल्माडा ने हस्तक्षेप किया और गावी को पीछे धकेलकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि परेडेस का हाथ उन तक न पहुंचे.
106वें मिनट में फेरान टोरेस ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
मैच की बात करें तो निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हो सका. इसके बाद मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां 106वें मिनट में सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने रिबाउंड पर शानदार गोल दागकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी. यही गोल निर्णायक साबित हुआ और स्पेन दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप चैम्पियन बन गया.
यह गोल स्पेन के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि 16 साल और 8 दिन पहले एंड्रेस इनिएस्ता ने 2010 वर्ल्ड कप फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ एक्स्ट्रा टाइम में विजयी गोल कर स्पेन को पहला वर्ल्ड कप दिलाया था.
पूरे मैच में स्पेन का दबदबा
फाइनल में स्पेन ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा. टीम ने कुल 20 शॉट लगाए, जबकि अर्जेंटीना एक्स्ट्रा टाइम के अंतिम चरण तक एक भी प्रभावी प्रयास नहीं कर सका.
अर्जेंटीना की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब नियमित समय खत्म होने से ठीक पहले एंजो फर्नांडीज को पाउ कुबार्सी पर देर से टैकल करने के कारण दूसरा येलो कार्ड मिला और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. इसके बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा.
स्पेन ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कोच लुइस डे ला फुएंते की टीम ने इस जीत के साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. स्पेन पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाने वाला पहला वर्ल्ड चैम्पियन बना. इसके अलावा स्पेन ने दूसरी बार लगातार UEFA यूरो चैम्पियनशिप और फीफा वर्ल्ड कप जीतने का अनोखा कारनामा भी कर दिखाया.
Disgusting behaviour of the Argentinian players after the match, Paredes should be banned for life #mundialdefútbol2026 pic.twitter.com/xiSRVD7kLl
— goalpostFC (@GoalpostFC) July 19, 2026
मेसी का सपना टूटा
वहीं लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना का लगातार बड़े टूर्नामेंट जीतने का सिलसिला थम गया. अर्जेंटीना ने इससे पहले 2021 और 2024 कोपा अमेरिका और 2022 फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था. मेसी ने इस वर्ल्ड कप में 8 गोल और 4 असिस्ट किए, लेकिन फाइनल में वह टीम को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन नहीं बना सके.