लखनऊ के शिवा शर्मा की मौत में आरोपी श्रद्धा दुबे की तलाश के बीच पुलिस विभाग में कार्रवाई का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है. पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर को हटाया गया, फिर डीसीपी सेंट्रल पर कार्रवाई हुई और अब एसीपी हजरतगंज रजनीश कुमार वर्मा को भी पद से हटा दिया गया है. एक तरफ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है, तो दूसरी तरफ श्रद्धा दुबे वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस मामले में पुलिस की जांच कहां तक पहुंची और फरार आरोपियों को कब तक पकड़ा जा सकेगा?
शिवा शर्मा केस में पुलिस विभाग के भीतर लगातार कार्रवाई
शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लखनऊ पुलिस पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बीच डीजीपी मुख्यालय ने भी मामले को लेकर नाराजगी जताई थी. अधिकारियों को मुख्यालय में तलब कर प्रकरण की समीक्षा की गई. इसके बाद पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ. बताया जा रहा है कि डीजीपी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं. एक तरफ पुलिस विभाग में कार्रवाई जारी है, तो दूसरी तरफ शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार आरोपियों की तलाश भी चुनौती बनी हुई है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लखनऊ पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे समेत आरोपियों पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है. आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका है. इसके बावजूद श्रद्धा दुबे की ओर से लगातार वीडियो जारी किए जा रहे हैं. इन वीडियो में वह अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता रही है और मामले में अपनी सफाई दे रही है. उसके वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. श्रद्धा दुबे के नेपाल से लखनऊ आने की खबरों के बीच उसकी गिरफ्तारी को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं.
शिवा शर्मा की मां ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
शिवा शर्मा की मां ने आजतक से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा था, लेकिन श्रद्धा दुबे के लगातार वीडियो जारी करने से उनके मन में संदेह पैदा हो रहा है. शिवा की मां का सवाल है कि जब पुलिस के पास तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं, तो वीडियो कहां से और किस मोबाइल फोन से जारी किए जा रहे हैं, इसका पता क्यों नहीं लगाया जा रहा है. उनके मुताबिक, वीडियो के स्रोत का पता लगाकर जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धा दुबे अपनी सफाई में कितने भी वीडियो जारी कर ले, मामले में न्याय का फैसला अदालत करेगी. शिवा की मां ने भरोसा जताया कि उन्हें कोर्ट से न्याय मिलेगा और वह अदालत में श्रद्धा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देंगी. परिवार की यह मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी तथ्यों को सामने लाया जाए.
पहली बार मीडिया के सामने आई श्रद्धा दुबे, हत्या से किया इनकार
फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. उसने दावा किया कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी. श्रद्धा के मुताबिक, शिवा ने उसकी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगाई थी. उसने दावा किया कि बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है. श्रद्धा ने सवाल उठाया कि जब दूसरे स्थानों के सीसीटीवी फुटेज निकाले गए हैं, तो उसकी बिल्डिंग के कैमरों की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक क्यों नहीं की गई. श्रद्धा का कहना है कि फुटेज सामने आने से उसकी बात स्पष्ट हो सकती है.
दोस्ती, कर्ज और गहनों को लेकर भी किए दावे
श्रद्धा दुबे ने अपने बयान में शिवा शर्मा के साथ संबंधों को लेकर भी कई बातें कही हैं. उसके मुताबिक, वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी और दोनों के बीच लगभग ढाई महीने तक दोस्ती रही. उसने दावा किया कि शिवा पिछले दो महीनों से उसके घर आने लगा था. श्रद्धा ने शिवा की मां की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया. उसने दावा किया कि शिवा पर करीब 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और कर्ज देने वालों के फोन आने से वह परेशान रहता था. उसने यह आरोप भी लगाया कि करीब एक महीने पहले शिवा उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के आभूषण ले गया था. श्रद्धा के मुताबिक, शिवा ने एक वीडियो में आभूषण लौटाने की बात कही थी.
अस्पताल से जाने और ड्राइवर को लेकर भी दी सफाई
श्रद्धा ने यह भी बताया कि शिवा को अस्पताल ले जाने के दौरान वह सांस लेने में परेशानी और निजी कारणों के चलते वहां से चली गई थी. उसने दावा किया कि घटना के बाद वह सदमे में थी. साथ ही, उसने अपने ड्राइवर के साथ कथित मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वह घबरा गया था और वहां से चला गया.
अब पुलिस के सामने क्या हैं सवाल?
शिवा शर्मा हत्याकांड में फिलहाल सबसे अहम सवाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े दावों की जांच का है. पुलिस को श्रद्धा दुबे के वीडियो में किए गए दावों, सीसीटीवी फुटेज, घटना के घटनाक्रम और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करनी होगी. साथ ही यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि वीडियो कहां से जारी हो रहे हैं और आरोपियों तक पहुंचने में क्या बाधाएं आ रही हैं. पुलिस अधिकारियों पर लगातार हो रही कार्रवाई ने मामले को और चर्चा में ला दिया है.