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शामली धर्मांतरण केस में नया ट्विस्ट, आयुष मलिक की 'घर वापसी', मोहम्मद अली से फिर बना हिंदू

शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ सामने आया है. मोहम्मद अली नाम अपनाने वाले आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. आयुष के पिता देवराज मलिक ने पहले आरोप लगाया था कि बेटे का धर्म परिवर्तन करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की साजिश का हिस्सा था.

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आयुष मलिक केस में घर वापसी के बाद बदली कहानी, चांदनी कुरैशी से निकाह के आरोप. (Photo: ITG)
आयुष मलिक केस में घर वापसी के बाद बदली कहानी, चांदनी कुरैशी से निकाह के आरोप. (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले में नया मोड़ सामने आया है. धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद अली नाम से पहचाने जाने वाले आयुष ने दोबारा हिंदू धर्म अपना लिया है. उनकी घर वापसी के बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया है. इसमें उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था, लेकिन परिवार वालों की परेशानी देखते हुए दोबारा सनातन धर्म अपना रहे हैं.

आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक का दावा है कि उनके बेटे ने फिर से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है. इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी नामक मुस्लिम लड़की और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने साजिश के तहत आयुष मलिक का ब्रेन वॉश किया था. करोड़ों रुपए की जायदाद हड़पने के मकसद से आयुष को मोहम्मद अली बनाया और परिवार से दूर करने की कोशिश की गई.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था. दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. यह केस देवराज मलिक की शिकायत पर दर्ज किया गया था. उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा आयुष मलिक मेडिकल स्टोर को संभालने में मदद करता था.

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चांदनी कुरैशी के संपर्क में आने के बाद बदल गया. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आयुष को रिश्ते में फंसाकर धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया गया. आयुष और चांदनी की पहली मुलाकात साल 2018 में एक हॉस्पिटल में हुई थी. उस समय आयुष पैर की चोट का इलाज कराने गया था. इसके बाद दोनों के बीच रिश्ता बन गया. इसके बाद चांदनी के परिवार के लोग उसे प्रभावित करने लगे.

शिकायत के मुताबिक, साल 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया. वहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. इसके बाद उसका नाम मोहम्मद अली रख दिया गया. दिल्ली में एक निकाह समारोह हुआ था. हालांकि, जांच के दौरान कोई मैरिज सर्टिफिकेट बरामद नहीं हुआ था. लेकिन धर्म परिवर्तन के बाद आयुष ने दाढ़ी बढ़ाने, पांच बार नमाज पढ़ने और कपड़े बदलने जैसे इस्लामी रीति-रिवाज अपनाए.

पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया गया था. गिरफ्तार किए गए चांदनी कुरैशी और इस्लाम कुरैशी के अलावा FIR में परिवार के कई अन्य सदस्यों और दो अज्ञात मौलवियों का भी नाम शामिल है. फिलहाल आयुष मलिक की घर वापसी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.

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