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IPS से IAS बने अंकित खंडेलवाल की कहानी, जो केके बिश्नोई को भावुक देख नहीं संभाल सके खुद के आंसू

संभल के SP रहे IPS केके बिश्नोई की विदाई के दौरान जब उनकी आंखों से आंसू छलके तो पास बैठे DM अंकित खंडेलवाल भी खुद को नहीं संभाल सके. यह भावुक पल अब चर्चा में है. लेकिन आखिर कौन हैं IAS अंकित खंडेलवाल? 2017 बैच के IAS और UPSC में 41वीं रैंक हासिल करने वाले खंडेलवाल पहले IPS भी रह चुके हैं. 

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IPS केके बिश्नोई को भावुक देखकर IAS अंकित खंडेलवाल भी खुद को नहीं संभाल सके (Photo ITG)
IPS केके बिश्नोई को भावुक देखकर IAS अंकित खंडेलवाल भी खुद को नहीं संभाल सके (Photo ITG)

संभल के एसपी रहे IPS केके बिश्नोई की विदाई का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. विदाई समारोह में जब केके बिश्नोई अपने कार्यकाल को याद करते हुए भावुक हुए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े, तो पास बैठे संभल के डीएम IAS अंकित खंडेलवाल ने उन्हें संभालने की कोशिश की. लेकिन कुछ ही देर में माहौल ऐसा हुआ कि अंकित खंडेलवाल खुद भी भावुक हो गए. उन्होंने बिश्नोई को पानी पिलाया, उनकी पीठ थपथपाई . यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल कौन हैं?

अंकित खंडेलवाल की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका प्रशासनिक सफर सीधे IAS अधिकारी के तौर पर शुरू नहीं हुआ. वह पहले पुलिस सेवा में भी रह चुके हैं. UPSC में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने IPS के रूप में करियर शुरू किया और इसके बाद दोबारा परीक्षा देकर IAS बने. आज वह उत्तर प्रदेश के संवेदनशील माने जाने वाले संभल जिले की कमान संभाल रहे हैं.

केके बिश्नोई को देखकर क्यों भावुक हुए अंकित खंडेलवाल

22 अगस्त को संभल में केके बिश्नोई का विदाई समारोह आयोजित किया गया था. करीब 770 दिनों तक संभल के एसपी रहे बिश्नोई का तबादला बिजनौर कर दिया गया है. विदाई समारोह में उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव और सहयोगियों के योगदान को याद किया. बात करते-करते वह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उनके बगल में बैठे डीएम अंकित खंडेलवाल ने उन्हें संभाला. उन्होंने पानी पिलाया और माहौल को सामान्य करने की कोशिश की. लेकिन साथी अधिकारी को इस तरह भावुक देखकर अंकित खंडेलवाल भी अपने आंसू नहीं रोक सके. वीडियो में दोनों अधिकारियों के बीच की सहजता और आत्मीयता साफ नजर आई.

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कौन हैं IAS अंकित खंडेलवाल

अंकित खंडेलवाल उत्तर प्रदेश कैडर के 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल की थी. उनकी शैक्षणिक योग्यता इंजीनियरिंग यानी BE बताई जाती है. IAS बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. वह बुलंदशहर में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट, मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और अलीगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी यानी CDO की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके बाद उन्हें आगरा नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया, जहां करीब तीन साल का उनका कार्यकाल खासा चर्चा में रहा. लेकिन उनकी पहचान सिर्फ एक अधिकारी के रूप में नहीं बनी, बल्कि काम करने के अलग अंदाज ने भी उन्हें चर्चा में रखा.

IPS से IAS बनने की कहानी

अंकित खंडेलवाल के करियर की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद पहले पुलिस सेवा का रास्ता चुना था. वह 2016 बैच के IPS अधिकारी रहे. हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था. इसके बाद उन्होंने दोबारा UPSC परीक्षा दी और 41वीं रैंक हासिल कर IAS बने.

कबाड़ से कमाल, स्क्रैप से बनाई राम मंदिर की प्रतिकृति

अंकित खंडेलवाल के आगरा कार्यकाल की एक ऐसी पहल भी रही, जिसकी चर्चा आगरा से बाहर तक हुई. नगर निगम के स्टोर में पड़े कबाड़ और स्क्रैप को बेकार मानकर हटाने के बजाय उसका इस्तेमाल कलाकृतियां तैयार करने में किया गया. ‘कबाड़ से कमाल’ योजना के तहत स्क्रैप से भगवान श्रीराम के मंदिर की प्रतिकृति तैयार कराई गई. इसके अलावा बांसुरी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की कलाकृति और दूसरी आकृतियां भी तैयार कराई गईं.

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आगरा में कचरे के पहाड़ से निपटने के बाद अब संभल में अंकित खंडेलवाल का फोकस प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है. जिले में पुरानी नदियों और जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है. वर्धमान नदी के पुनर्जीवन अभियान में प्रशासन ने काम शुरू किया. इस दौरान डीएम अंकित खंडेलवाल खुद भी मौके पर पहुंचे और श्रमदान करते दिखाई दिए. प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ नदी की सफाई कराना नहीं, बल्कि उसके पुराने स्वरूप को वापस लाना और जल संरक्षण की दिशा में स्थायी काम करना है. संभल में तालाबों और झीलों की जमीन को भी कब्जामुक्त कराने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए अधीनस्थ अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. संभल में सरकारी जमीनों को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में रही है. संभल-मुरादाबाद हाईवे के किनारे करीब 38 बीघा जमीन का मामला सामने आया, जिसकी कीमत करीब 101 करोड़ रुपये बताई गई.

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