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'न चेकिंग, न ड्रेस कोड, प्राइवेट कर्मचारियों से गिनवाए जा रहे थे नोट', चंदा चोरी में SIT का बड़ा खुलासा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं. जांच के अनुसार नोटों की गिनती निजी एजेंसी के कर्मचारियों से कराई जाती थी, जिनकी नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई थी. कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट की जांच नहीं होती थी और ड्रेस कोड व सीसीटीवी निगरानी का भी सही पालन नहीं किया गया.

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT  ने किया बड़ा दावा. (Photo: ITG)
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT ने किया बड़ा दावा. (Photo: ITG)

राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले की एसआईटी जांच कर रही है. इसी बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है. एसआईटी को हर स्तर पर घोर लापरवाही मिली है. राम मंदिर ट्रस्ट की रकम में बैंकिंग का काम देख रही एसबीआई का ही नोट अलग कराने/गड्डी बनवाने और गिनवाने का काम था. एसबीआई निजी सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों को ठेके पर लेकर नोट गिनवाती थी.

आने जाने के दौरान नहीं होती थी चेकिंग
जानकारी के अनुसार एसबीआई ने वाराणसी की निजी सिक्योरिटी एजेंसी को ठेका दिया था. निजी सिक्योरिटी एजेंसी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की सिफारिश पर अयोध्या के ही लड़कों को नोट गिनवाने के काम में रख दिया था. परिचित की सिफारिश पर ही नौकरी मिलने की प्रथा पर अनुकल्प मिश्रा ने अपने साले लवकुश मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट में नौकरी पर लगवा दिया था.

ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान चेकिंग में भी लापरवाही सामने आई है. कौन क्या लेकर आ रहा क्या लेकर जा रहा, कोई जांच नहीं होती थी. घरेलू कपड़ों में ही कर्मचारी राम मंदिर ट्रस्ट के कमरे में बैठकर नोट गिनने लगते थे. सीसीटीवी कैमरा की फुटेज देखने में भी लापरवाही सामने आई है. चोरी करने के लिए कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़े हो जाते थे और चोरी कर लेते थे.

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ड्रेस कोड का भी नहीं होता था पालन
सभी के लिए ड्रेस कोड बनाया गया था और एक ड्रेस भी दी गई थी. लेकिन पहनता कोई नहीं था. एसआईटी की पड़ताल में मंदिर परिसर से दान पेटी ट्रस्ट के कमरे में ले जाने से लेकर बैंक में नोट जमा होने तक हर स्तर पर लापरवाही सामने आई है. 

इधर अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है. जिस पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई संभावित है. मामला कोर्ट नंबर-2 में सूचीबद्ध किया गया है.

याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता मोहित अशोक शर्मा ने बताया कि मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है और खंडपीठ के समक्ष विशेष उल्लेख (मेंशनिंग) कर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जाएगा. उनके अनुसार यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और व्यापक जनहित से जुड़ा है, इसलिए इस पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की अपेक्षा की जा रही है. याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर मामले को पूरक सूची (सप्लीमेंट्री लिस्ट) में शामिल कराने का अनुरोध भी किया जा सकता है.

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जांच की जद में आए कर्मचारियों को अयोध्या छोड़ने की मनाही
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद SIT विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी. वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने जांच के दायरे में आए सभी लोगों को बिना सूचना अयोध्या छोड़ने से मना कर दिया है.

जांच में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे शहर छोड़ने से पहले एसआईटी को जानकारी दें. यह फैसला जांच को प्रभावित होने से रोकने और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से तुरंत पूछताछ सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. फिलहाल एसआईटी मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है.

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