गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो चलती कार में अवैध भ्रूण लिंग जांच का खेल रहा था. उनके पास से चाइनीज पोर्टेबल मशीन जब्त हुई हैं. चार आरोपी दबोचे गए हैं. आइये जानते हैं इनकी क्राइम कहानी...
दरअसल, पुलिस ने बीते दिन महामाया स्टेडियम फ्लाईओवर के पास एक अर्टिगा कार की घेराबंदी कर अवैध भ्रूण लिंग जांच करने की तैयारी कर रहे चार आरोपियों को धर दबोचा. उनके पास से चीन निर्मित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रोब, जेल और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए.
स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और कोतवाली नगर पुलिस को मुखबिर से कार में गर्भवती महिला का इंतजार किए जाने की सटीक सूचना मिली थी. पकड़े गए आरोपी पोर्टेबल मशीन के माध्यम से भ्रूण का लिंग बताकर अवैध गर्भपात कराने की फिराक में थे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक, संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग कार में बैठकर गर्भवती महिला का इंतजार कर रहे हैं. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर घेराबंदी की और कार को रोक लिया. कार में सवार बागपत निवासी संदीप, बुलंदशहर निवासी तस्लीम उर्फ साहिल राणा, हापुड़ निवासी सलमान और नंदग्राम निवासी शाहिद अहमद को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया.
चीन निर्मित मशीन और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चीन निर्मित पोर्टेबल यूएसजी मशीन, प्रोब, अल्ट्रासाउंड जेल और मशीन को बिजली आपूर्ति देने वाला उपकरण बरामद किया है।. इसके साथ ही मौके से 20 हजार रुपये नकद और एक अर्टिगा कार भी जब्त की गई है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 और एनएमसी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
पुराना अपराधी है मुख्य आरोपी संदीप
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले भी गाजियाबाद के टीला मोड़ थाने में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है. पुराना इतिहास होने के बावजूद उसके दोबारा इस अवैध धंधे में पकड़े जाने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि यह नेटवर्क कब से विभागीय नजरों से बचकर चल रहा था.
पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी पुलिस
कोतवाली नगर की एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, अब तक कितनी महिलाओं की अवैध लिंग जांच की गई है और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किन-किन क्षेत्रों में किया जा रहा था.