उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों और सांगठनिक फेरबदल के बीच बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में अहम बैठक बुलाई है. बसपा के राष्ट्रीय स्तर के सभी पदाधिकारियों को बैठक में बुलाया गया.. इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के साथ-साथ पार्टी संगठन में बड़े राष्ट्रीय बदलावों पर अंतिम मुहर लग सकती है.
उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर, पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मायावती मंथन करेंगी. बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की जाएगी. इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति और संगठन की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी.
आकाश आनंद को बाहर किए जाने के बाद बसपा की बैठक होने जा रही है. इसीलिए लखनऊ में बुधवार को होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि मायावती क्या फैसला लेती हैं. देखना है कि मायावती अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी संगठन में औपचारिक रूप से क्या कोई अहम जिम्मेदारी सौंपेगी?
ईशान आनंद को मायावती देंगी अहम जिम्मेदारी?
मायावती ने हाल के दिनों में सोशल मीडिया पोस्ट और आधिकारिक बयानों के जरिए पार्टी में उत्तराधिकार और परिवार की भूमिका पर स्थिति साफ कर दी है. मायावती ने साफ तौर पर कहा है कि आकाश आनंद अब अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में पूरी तरह आ चुके हैं, इसलिए उन्हें पार्टी में वापस लेना विश्वासघात होगा. इसके साथ ही आकाश की बहन दीपिका आनंद को भी पार्टी की किसी जिम्मेदारी से पूरी तरह दूर रखने का फैसला लिया गया है.
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बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार से अब केवल उनके छोटे बेटे ईशान आनंद को ही पार्टी संगठन में आगे बढ़ाने की बात कही है. इसीलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या मायावती ईशान को सम्मानजनक जिम्मेदारी देने का फैसला करेंगी.
हालांकि, मायावती ने चेतावनी भी दी है कि अगर भविष्य में ईशान भी पार्टी विरोधी किसी गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं, तो उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में किसी अन्य रिश्तेदार के बजाय समाज के ही किसी निष्ठावान दलित कार्यकर्ता को आगे किया जाएगा.
मायावती ने बुलाई बसपा की अहम बैठक
बसपा प्रमुख मायावती ने 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच अहम बैठक करने जा रही हैं. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में पार्टी संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है.
बैठक में संभावित बसपा उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चर्चा और समीक्षा की जाएगी. पार्टी नेताओं से उनके - अपने राज्यों और क्षेत्रों में संगठन की स्थिति की जानकारी ली जाएगी.
मायावती की बैठक का मुख्य एजेंडा?
मायावती पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर अब तक कितना काम हुआ है, इसकी प्रगति रिपोर्ट लेंगी. बीएसपी के लिए के लिए उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां, बैठक का एक प्रमुख मुद्दा रहेंगी. पार्टी संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों और तैयारियों को लेकर भी चर्चा होगी.
मायावती बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं को आगामी चुनावों को लेकर जरूरी दिशा- निर्देश देंगी. उम्मीदवारों के चयन, संगठन को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी. बीएसपी की ऑल इंडिया बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारियों को आगे बढ़ा रही है.
मायावती क्या देंगी सियासी संदेश
बैठक के बाद पार्टी नेताओं को अपने-अपने राज्यों में चुनावी तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए जा सकते हैं. पार्टी की ओर से बैठक में लिए गए फैसलों और दिए गए निर्देशों पर आगे की गतिविधियां तय की जाएंगी. खासकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में संगठन को चुनावी स्तर पर तैयार करने पर फोकस रहेगा.
यूपी सहित अन्य राज्यों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और कैडर को नई ऊर्जा देने का खाका तैयार होगा. हाल ही में आगरा में सुलगे सवर्ण आंदोलन और सपा के 'PDA' अभियान के बीच बसपा अपने दलित कैडर वोटबैंक को बचाने और मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी.