उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूपीएससी की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया. आरोप पीड़िता के ही एक दोस्त और उसके साथियों पर लगा है. वारदात के बाद तबीयत बिगड़ने पर आरोपी छात्रा को जबरन ट्रेन में बैठाकर फरार हो गए. इस मामले में दिल्ली के आनंद विहार थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे अब लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया है. पुलिस की 5 टीमें आरोपियों की तलाश में यूपी से लेकर दूसरे राज्यों तक खाक छान रही हैं.
रेप के बाद ट्रेन में बैठाया, दिल्ली किया रवाना
आपको बता दें कि मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली पीड़ित छात्रा दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीए ऑनर्स सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही है और साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटी है. कॉलेज में छुट्टियां होने के कारण वह 1 मई को लखनऊ स्थित अपने घर आई थी. 15 मई को उसकी परीक्षा की तारीख आने पर वह वापस दिल्ली लौटने के लिए निकली. पिता ने उसे जाफराबाद रेलवे स्टेशन से सुहेलदेव एक्सप्रेस में बैठाया था.
ट्रेन में बैठने के बाद छात्रा ने अपने 4 साल पुराने दोस्त शिवम यादव को वॉट्सएप पर मैसेज कर दिया. मैसेज मिलते ही शिवम यादव छात्रा से मिलने चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गया. वहां उसने छात्रा से अपने रूम पर चलने की जिद की. बार-बार मिन्नतें करने पर छात्रा उसकी बात मान गई. शिवम उसे सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में स्थित अपने कमरे पर ले गया.
शिवम यादव और उसके साथियों पर संगीन आरोप
आरोप है कि वहां शिवम ने छात्रा को कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया. जब छात्रा बेहोश होने लगी, तो शिवम ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. इसके बाद उसने अपने दोस्तों को भी बुला लिया और उन्होंने भी छात्रा के साथ गलत काम किया. जब छात्रा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से उसे जनरल टिकट थमाकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया. ट्रेन में जब छात्रा को होश आया, तो वह बुरी तरह घबरा गई. उसने तुरंत फोन कर अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई. दिल्ली पहुंचते ही परिजनों ने आनंद विहार थाने में मामला दर्ज कराया, जिसे अब लखनऊ पुलिस को सौंप दिया गया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है. एडीसीपी रल्लापल्ली बसंत ने बताया कि सर्विलांस समेत पुलिस की 5 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं. हालांकि, शुरुआती जांच में सामने आया है कि दिल्ली पुलिस की कॉल की वजह से आरोपी अलर्ट हो गए और अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके अंडरग्राउंड हो गए. पुलिस टीमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दे रही हैं. वहीं, छात्रा को बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ बुलाया गया है.
आरोपियों के बारे में ये पता चला
इस हैवानियत का मुख्य आरोपी शिवम यादव अक्सर लखनऊ में रहने वाले अपने भाई के पास आता-जाता रहता था. वारदात में शामिल दूसरा आरोपी सनी लखनऊ में ही डिलीवरी ब्वॉय का काम करता है. वहीं, तीसरे आरोपी की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है क्योंकि घटना के बाद से पीड़िता गहरे सदमे में है और उसके बारे में कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है. पुलिस का कहना है कि दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद तीसरे का सुराग भी लग जाएगा.
खौफनाक वारदात से छात्रा और उसका परिवार गहरे सदमे में
इस खौफनाक वारदात ने छात्रा को अंदर से तोड़कर रख दिया है. पीड़िता के पिता ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी की हालत बेहद खराब है. वह घर में गुमसुम और डरी-सहमी रहती है. परिजन अब डॉक्टर से उसकी काउंसलिंग कराने की तैयारी कर रहे हैं ताकि वह इस ट्रॉमा से बाहर निकल सके. घटना से बुरी तरह टूटे और आहत पिता ने गुस्से में कहा कि शिवम ने साजिश के तहत उनकी बेटी को जाल में फंसाया, उसकी नीयत पहले से ही खराब थी. पीड़ित पिता ने मांग की है कि ऐसे दरिंदों का सिर्फ एनकाउंटर ही असली न्याय होगा. हालांकि, उन्होंने लखनऊ पुलिस पर भरोसा भी जताया है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे.