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ललिता गौतम हत्याकांड: मेरठ में जमकर बवाल, पुलिस का लाठीचार्ज, SSP ने बरसाए थप्पड़; अखिलेश-चंद्रशेखर ने खोला मोर्चा

मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड में प्रभावी कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर बिना अनुमति प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया और माहौल बिगाड़ने वाले सात उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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मेरठ में पुलिस से  भिड़े प्रदर्शनकारी (Photo- Screengrab)
मेरठ में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी (Photo- Screengrab)

यूपी के मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के बाद जमकर बवाल हुआ. कलेक्ट्रेट के गेट पर विरोध-प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. लाठीचार्ज के बाद भीड़ को खदेड़ा गया. इस दौरान एसएसपी का एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें वह बंदी वाहन में रवि गौतम नाम के युवक को थप्पड़ जड़ते दिखाई दे रहे हैं. इस घटना को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव और नगीना सासंद चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. आइये जानते हैं पूरा मामला...

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा- 'भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है. मेरठ में दलित समाज की बेटी के लिए न्याय की आवाज उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है. जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है.'

वहीं, सांसद चंद्रशेखर ने कहा- 'पीड़ित परिजनों और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज तथा हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की अनुसूचित जाति विरोधी कार्यशैली दर्शाता है. यदि पीड़ित परिवार अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए. यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचे नहीं और कोई निर्दोष फंसे नहीं. मैं मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करूंगा.'

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आपको बता दें कि मेरठ पुलिस ने ललिता गौतम हत्याकांड की विवेचना के विरोध में कलेक्ट्रेट गेट पर बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़क जाम करने, अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने और जातिगत वैमनस्य फैलाने के आरोप में 13 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस बल ने शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों द्वारा धक्का-मुक्की और पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया. इस हिंसक झड़प में महिला कर्मियों सहित 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल

थाना टीपीनगर क्षेत्र की रहने वाली ललिता गौतम 15 मई को लापता हो गई थीं, जिसके बाद 17 मई को रोहटा क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ था. पुलिस ने मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो मृतका का पूर्व परिचित था. 

सीसीटीवी फुटेज में मृतका उसके साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखी थी. इसके अलावा साक्ष्य मिटाने और आरोपी को शरण देने के मामले में दो अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमे में धाराएं बढ़ाई गई थीं.

पीड़ित परिवार पुलिस कार्रवाई से था संतुष्ट

सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि पुलिस टीम ने पीड़ित परिवार के घर जाकर और कार्यालय बुलाकर करीब 10 से 12 बार विवेचना की प्रगति से अवगत कराया था. तीन महिला अधिकारियों द्वारा पीड़ित परिवार की काउंसलिंग भी की गई थी, जिस पर परिजनों ने पूर्ण संतुष्टि व्यक्त की थी. पुलिस के पास इसके वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, लेकिन कुछ बाहरी और आपराधिक प्रवृत्ति के अराजक तत्वों ने भोले-भाले परिजनों को भड़काकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के लिए उकसाया.

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प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का गेट तोड़ने का किया प्रयास

एसएसपी अविनाश पांडे के अनुसार, कमिश्नरी चौराहे पर जुटे प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ बाहरी अराजक तत्वों ने कचहरी जाने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया. इस जाम के कारण आम जनता, छात्रों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ी और दो एम्बुलेंस भी फंस गईं, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला. प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय का गेट तोड़ने का प्रयास किया और रोकने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी.

महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और हमला

प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों के हमले में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद पुलिस ने न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने सोशल मीडिया पर जातिगत वैमनस्य और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले तत्वों की भी पहचान की है. पुलिस को ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसमें मृतका के भाई को लाइसेंस और पैसों का प्रलोभन देकर भड़काने का प्रयास किया जा रहा था.

बाहरी जिलों के आपराधिक तत्वों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में रवि गौतम, दिग्विजय भाटी और रितिक सहित 13 लोगों को नामजद किया है, जिनमें से 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पकड़े गए आरोपियों में रवि गौतम, ऋतिक, अंकित कुमार, अरविंद कुमार, नवनीत कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और लवि शामिल हैं. नामजद रवि गौतम के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अमरोहा से जिला बदर दिग्विजय सिंह भाटी पर 9 मुकदमे दर्ज हैं. रितिक पर भी पहले से हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है.

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बंदी वाहन में फांसी का प्रयास और वीडियो वायरल

हिरासत में लिए जाने के बाद नोएडा निवासी आरोपी रवि गौतम ने पुलिस के बंदी वाहन के अंदर अपने गमछे से फांसी लगाने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने समय रहते उसे बचा लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर एसएसपी अविनाश पांडेय का भी एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें वह बंदी वाहन के पास जाकर रवि गौतम को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं.

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