
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन गुरुवार को लगातार 20वें दिन भी जारी रहा. तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे. इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी गुरुवार को 12वें दिन में पहुंच गई. जानकारी के अनुसार, उनका वजन अब तक सात किलो से ज्यादा घट चुका है और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी 6 जून से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी है. पार्टी की मुख्य मांग है कि नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें. पिछले 20 दिनों में प्रदर्शनकारियों ने मौसम की हर मुश्किल का सामना किया है.

शुरुआत में दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही थी, तब भी लोग धरना स्थल पर डटे रहे. अब मौसम बदल चुका है और दिल्ली में पिछले एक दिन से लगातार तेज बारिश हो रही है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है.

पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कीं. इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि तेज बारिश के बीच भी प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर मौजूद हैं और अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. इन तस्वीरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि किसी भी हालात में प्रदर्शन कमजोर नहीं पड़ेगा.

इसी दौरान सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल भी सुर्खियों में है. उनकी भूख हड़ताल गुरुवार को अपने 12वें दिन में दाखिल हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक उनकी सेहत पर इसका गहरा असर पड़ रहा है और उनका वजन लगातार घट रहा है. अब तक उनका वजन सात किलो से अधिक कम हो चुका है. बुधवार को जब उनका वजन मापा गया तो यह 59.40 किलोग्राम दर्ज किया गया. इससे उनकी सेहत को लेकर चिंता और बढ़ गई है.

दोनों ही घटनाएं दिखाती हैं कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर लोगों में कितना गुस्सा और गंभीरता है. एक तरफ जंतर-मंतर पर बारिश और गर्मी के बीच लगातार धरना चल रहा है, तो दूसरी तरफ भूख हड़ताल के जरिए भी विरोध जताया जा रहा है.