ईरान के कई शहरों में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए लाखों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. तेहरान, क़ोम, नजफ़, करबला और मशहद तक अंतिम यात्रा निकाली गई. सुरक्षा के बीच लोगों ने अपने सर्वोच्च नेता को आखिरी विदाई दी. आज मशहद में खामेनेई को दफन किया जाना है.
अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल साइट्स, कमांड सेंटर और रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों समेत 90 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. यह हमला होर्मुज में जहाजों पर हुए हमले के जवाब में किया गया. दो दिनों में अमेरिका ने ईरान में 170 ठिकानों पर हमले किए हैं.
बंदर अब्बास, केश्म, सीरिक, जास्क और चाबहार जैसे इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. कई जगह धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए और लोगों में दहशत फैल गई.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कारोबारी जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने कार्रवाई शुरू की है. एक टैंकर में आग लग गई थी, जबकि दो अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गए थे. आज ताजा हमले में अमेरिका ने होर्मुज के आसपास वाले ईरानी ठिकानों पर ही हमले किए हैं.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि मशहद जाने वाले दो अहम रेलवे पुलों को अमेरिकी हमले में निशाना बनाया गया. ईरानी मीडिया ने इसे अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश बताया.
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में IRGC ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया. इसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया.
हमलों के बाद बहरीन, कुवैत और कतर में सायरन बजाए गए. लोगों को घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई. कई जगह मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई.
ईरान के सैन्य नेतृत्व और संसद के नेताओं ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी कि हर हमले का जवाब और ज्यादा ताकत से दिया जाएगा. तेहरान ने साफ कहा कि होर्मुज पर किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.
अंतिम संस्कार से पहले ईरान के शहरों में खामेनेई की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए. सड़कों, मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित की गईं और हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं.
एक तरफ अंतिम विदाई का माहौल है, दूसरी तरफ लगातार सैन्य हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है. ईरान इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है. एक ओर अपने सर्वोच्च नेता को विदाई और दूसरी ओर अमेरिका के साथ सैन्य संघर्ष बढ़ रहा है.