दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद लौट रहे बरेली के दो युवकों के साथ मारपीट का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद जहां राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं अब घटना के पीड़ित छात्र ने सामने आकर पूरी आपबीती सुनाई है. बरेली लौटने के बाद 16 वर्षीय छात्र आयुष रंजन ने दावा किया कि प्रदर्शन से लौटते समय उन्हें और उनके दोस्त को रास्ते में रोककर मारपीट की गई, धमकाया गया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. घटना के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है.
जिसने मारपीट की वह खुद को सोशल मीडिया पर 'राष्ट्रीय हिंदू वीर सेना' का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है. आरोपी सत्यम पंडित ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मारपीट से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए लिखा था कि 'उसने कुछ कॉकरोचों का इलाज कर दिया.' वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्षी दलों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है.
बरेली पहुंचकर छात्र ने सुनाई पूरी दास्तान
बरेली में मीडिया से बातचीत करते हुए पीड़ित छात्र आयुष रंजन ने बताया कि वह 23 जुलाई को अपने एक दोस्त के साथ दिल्ली में जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन में शामिल होने गया था. प्रदर्शन समाप्त होने के बाद दोनों रात में एक गुरुद्वारे में रुके थे. आयुष के मुताबिक, अगली सुबह करीब पांच बजे वह गुरुद्वारे से बाहर निकला ही था कि कुछ दूरी पर कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया. आयुष ने कहा, मैं सुबह करीब पांच बजे गुरुद्वारे से उठकर बाहर जा रहा था. ठीक से नींद भी पूरी नहीं हुई थी. मैं करीब चार-पांच घंटे ही सोया था. लगभग 200 मीटर आगे गया तो सत्यम पंडित और उसके साथ मौजूद लोगों ने हमें घेर लिया. छात्र का आरोप है कि आरोपी के साथ एक ड्राइवर, एक कैमरा संभालने वाला व्यक्ति और अन्य लोग भी मौजूद थे.
दोस्त का गला पकड़कर मारने लगे
पीड़ित छात्र का आरोप है कि पहले उसके दोस्त के साथ मारपीट शुरू की गई. आयुष ने कहा, उन्होंने मेरे दोस्त का गला पकड़ लिया और मारने लगे. मुझे भी लगातार गालियां दी गईं. वहां करीब छह लोग थे. हमें धमकाया गया कि हम प्रदर्शन में क्यों गए थे. आयुष ने दावा किया कि वह मदद मांगने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आसपास कोई प्रदर्शनकारी नहीं था. उसने कहा, मैंने सोचा किसी से मदद मांगूं, लेकिन वहां कोई नहीं था. हम पुलिस के पास भी नहीं जा सकते थे. हम बहुत डर गए थे. हालांकि पुलिस की भूमिका को लेकर छात्र ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया
पीड़ित छात्र का कहना है कि मारपीट के दौरान पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई. बाद में आरोपी पक्ष की ओर से वही वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, जिसके बाद यह मामला तेजी से वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसकी आलोचना की और कार्रवाई की मांग शुरू हो गई.
16 साल का छात्र, बीएससी प्रथम वर्ष में पढ़ाई
आयुष ने बताया कि वह बरेली के एक विश्वविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है. उसकी उम्र 16 वर्ष है. वह अपने दोस्त के साथ केवल छात्र प्रदर्शन में शामिल होने के उद्देश्य से दिल्ली गया था. उसके अनुसार, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद दोनों वापस लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई. छात्र का कहना है कि घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान है और उसका पूरा परिवार डरा हुआ है.
कौन है सत्यम पंडित
मारपीट के आरोपों में जिस सत्यम पंडित का नाम सामने आया है, वह गाजियाबाद का रहने वाला बताया जाता है. अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर वह खुद को 'हिंदू वीर सेना' नामक संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है. सोशल मीडिया पर सक्रिय सत्यम पंडित पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रह चुका है. वर्ष 2024 में उस पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय को लेकर कथित रूप से भड़काऊ बयान देने के आरोप भी लगे थे.
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने लिखा कि इस घटना से भाजपा और उसके समर्थकों के व्यवहार को जनता देख रही है तथा दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. इसके बाद अन्य विपक्षी नेताओं और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई.