Uttar Pradesh News: हरदोई के नयागांव मुबारकपुर के मजरा गोंधाई निवासी बब्बू के 8 महीने के बीमार बेटे अरविंद की सरकारी एंबुलेंस में मौत हो गई. मेडिकल कॉलेज से गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किए जाने के बाद परिजनों ने बच्चे को एंबुलेंस में लिटाया था. एंबुलेंस में तैनात स्टाफ ने लापरवाही से बच्चे के मुंह पर मास्क लगाकर ऑक्सीजन सिलेंडर से गैस की मात्रा अचानक तेज कर दी. इससे कुछ ही मिनटों में बच्चे का पेट और शरीर फूल गया और एंबुलेंस के भीतर ही दम घुटने से उसकी जान चली गई. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
दस्त और बुखार के बाद किया गया था रेफर
मृतक बच्चे के पिता बब्बू ने बताया कि उनके चार बच्चों में सबसे छोटा पुत्र अरविंद पिछले दो-तीन दिनों से दस्त और बुखार से पीड़ित था. बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे उसे इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था. वहां हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने रात करीब 1 बजे उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया, जिसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई थी.
पिता ने लगाया एंबुलेंस कर्मियों पर गंभीर आरोप
बच्चे के पिता बब्बू का आरोप है कि जब वे एंबुलेंस में सामान रखने गए, तभी एंबुलेंस के चालक और परिचालक ने बच्चे को तेज गति से ऑक्सीजन दे दी. पिता ने रोते हुए बताया कि ऑक्सीजन लगाने के तुरंत बाद बच्चा बुरी तरह फूल गया और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
दो डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
शहर कोतवाली प्रभारी संजय त्यागी के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मासूम के शव का पंचनामा भरकर दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा और उसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी.