ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजिडेंशिया सोसाइटी में पिछले तीन दिनों से निवासियों पर हो रहे उल्लुओं के हमलों के बाद वन विभाग ने कार्रवाई की है. वन विभाग की टीम ने सोसाइटी परिसर से कुल 8 उल्लुओं का सुरक्षित रेस्क्यू किया है. इनमें 2 वयस्क और 6 बच्चे शामिल हैं. लगातार हो रहे हमलों से सोसाइटी के लोगों में डर का माहौल बना हुआ था. निवासियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में उल्लू करीब आधा दर्जन लोगों को अपना निशाना बना चुके थे. बताया गया कि उल्लू अचानक ऊपर से आकर लोगों पर हमला कर रहे थे. हमले के दौरान कई लोगों के सिर और शरीर पर चोंच से चोट लगी. कुछ लोगों के सिर से खून तक निकल गया.
लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से शाम और रात के समय सोसाइटी में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी. कई लोग अपने फ्लैट से बाहर निकलने में भी डर रहे थे. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परिजन बच रहे थे. निवासियों के मुताबिक, पार्किंग, लॉबी और सोसाइटी परिसर में आवाजाही के दौरान लोगों को लगातार उल्लुओं के हमले का डर बना रहता था. लोग सतर्क होकर बाहर निकल रहे थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि अचानक ऊपर से उल्लू हमला कर सकता है. लगातार हो रही घटनाओं के बाद सोसाइटी के लोगों ने वन विभाग से शिकायत की और उल्लुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की मांग की.
करीब आधा दर्जन लोगों पर कर चुके थे हमला
सोसाइटी निवासी बिजॉय त्रिपाठी ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे वह ऑफिस से लौटे थे. गाड़ी पार्क करने के बाद वह अपने फ्लैट की ओर जा रहे थे. इसी दौरान पीछे से एक उल्लू ने अचानक उनके सिर पर हमला कर दिया. बिजॉय के मुताबिक, पहली बार हुए हमले में उन्हें कुछ समझ नहीं आया. लेकिन जब उल्लू ने दोबारा हमला किया, तब उन्होंने उसे देखा. हमले में उनके सिर से खून निकलने लगा.
घटना के बाद वह अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया. उपचार के दौरान उन्हें जरूरी इंजेक्शन लगाए गए और टेटनेस का इंजेक्शन भी दिया गया. लगातार हो रहे हमलों से परेशान सोसाइटी के लोगों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने सोसाइटी परिसर में मौजूद उल्लुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कार्रवाई शुरू की. वन विभाग की टीम ने कुल 8 उल्लुओं को पकड़ा. इनमें 2 वयस्क और 6 बच्चे शामिल हैं. इसके बाद सोसाइटी के लोगों ने राहत की सांस ली.
सुरक्षित जगह पर छोड़ने की मांग
निवासियों का कहना है कि उल्लुओं को सोसाइटी परिसर से सुरक्षित तरीके से हटाया जाए और उनके लिए प्राकृतिक स्थान पर छोड़ा जाए. लोगों की मांग है कि ऐसा कदम उठाया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और सोसाइटी में रहने वाले लोगों को भी किसी तरह का खतरा न रहे. फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई के बाद सोसाइटी के लोगों को राहत मिली है. पिछले तीन दिनों से लगातार हो रहे उल्लुओं के हमलों के बाद 8 उल्लुओं के रेस्क्यू से निवासियों ने राहत की सांस ली है.