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युवराज की मौत के बाद भी नहीं जागा नोएडा प्राधिकरण! खुले गड्ढे में समा गई कार

ग्रेटर नोएडा में एक गहरे गड्ढे में कार गिरने का हादसा सामने आया है. ये गड्ढा कई दिनों से बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला पड़ा था.

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कार सवार की जान बाल-बाल बची. (Photo- Screengrab)
कार सवार की जान बाल-बाल बची. (Photo- Screengrab)

युवराज मेहता की मौत के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े बैठा है. एक बार फिर प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है. शनिवार रात को सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार की एक सड़क पर गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया था. इस गड्ढे में एक शख्स कार समेत गिर गया.

दरअसल ये गड्ढा कई दिनों से बिना किसी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के खुला पड़ा था. अंधेरा होने की वजह से प्रमोद नाम के एक युवक की कार अचानक इस गहरे गड्ढे में जा गिरी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि, गनीमत रही कि युवक की जान बच गई.

एक्टिव सिटिजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी ने प्राधिकरण पर आरोप लगाए हैं कि शहर को गड्ढा-मुक्त बनाने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं. विकास के नाम पर जगह-जगह मौत के कुएं खोदे जा रहे हैं. 

प्रशासन की लापरवाही पर भड़के भाटी

हरेंद्र भाटी ने कहा, 'अगर इस जगह पर समय रहते बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो ये हादसा नहीं होता. संबंधित जल विभाग, तकनीकी विभाग और ठेकेदार की एजेंसी ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से नहीं निभाई. समय पर निरीक्षण और निगरानी होती तो ये दुर्घटना आसानी से टाली जा सकती थी.'

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इस हादसे के बाद मौके का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकाला जा रहा है. गड्ढे के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे रात के समय वाहन चालकों को ये दिखाई नहीं देता.

स्थानीय निवासियों और एक्टिव सिटिजन टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इस पूरे मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने जल विभाग, तकनीकी विभाग और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है.

यह भी पढ़ें: UP: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत, गांव में पसरा मातम

साथ ही शहर के सभी खुले गड्ढों को तुरंत भरने और खुदाई वाली जगहों पर रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग लगाने की मांग उठाई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है.

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