गोंडा में बर्तन व्यापारी की हत्या के बाद मामला गरमा गया है. विरोध में परिवार के लोग शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, हत्याकांड के खिलाफ निषाद पार्टी के चीफ और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के साथ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी सड़क पर उतर आए हैं. इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी विधायक अजय सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि बीजेपी विधायक लखनऊ के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और वहां धरना दे रहे थे.
इस पूरे मामले पर करनैलगंज से बीजेपी विधायक अजय सिंह ने आजतक से बातचीत में सफाई दी. उन्होंने बताया कि यह मामला उनके विधानसभा क्षेत्र करनैलगंज से जुड़ा हुआ था. सूचना मिलने के बाद वह परिवार से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे थे.
अजय सिंह ने बताया कि वह लखनऊ स्थित केजीएमयू के पोस्टमॉर्टम हाउस गए और वहां पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि परिवार से मिलने और उनकी मदद के लिए वह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे थे.
मामले में सहयोग करना था मकसद
विधायक ने आगे बताया कि इस दौरान उन्होंने अपनी सहयोगी पार्टी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद से भी मुलाकात की. अजय सिंह ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचने का उद्देश्य परिवार से मिलना और मामले में सहयोग करना था.
धारदार हथियार से किया हमला
गोंडा में धारदार हथियार से हमले में घायल बर्तन व्यापारी की इलाज के दौरान मौत हो गई. विनोद साहनी (45) ने लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दरअसल, बुधवार रात कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर उन पर धारदार हथियार से हमला किया था. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस ने इस मामले में दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था.
घटना परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर धनोवा इलाके की थी. विनोद साहनी बर्तन की दुकान चलाते थे. बुधवार रात करीब 10:30 बजे वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और धारदार हथियार से हमला किया गया.
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे व्यापारी
हमले के बाद विनोद साहनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए पहले परसपुर सीएचसी ले जाया गया था. डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल गोंडा रेफर कर दिया था. यहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था.