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महेश बाबू, राजामौली, लक्ष्मण से साइना नेहवाल तक... चुनाव आयोग की SIR नोटिस लिस्ट में कई VIPs

हैदराबाद में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के तहत महेश बाबू, एसएस राजामौली, वीवीएस लक्ष्मण और साइना नेहवाल समेत कई बड़ी हस्तियों को नोटिस भेजा गया है. इस लिस्ट में नम्रता, वेंकटेश दग्गुबाती, समांथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद और उपासना कोंडिडेला जैसे नाम भी शामिल हैं.

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महेश बाबू, एसएस राजामौली, VVS लक्ष्मण - बाएं से दाएं की ओर (File Photo: ITG)
महेश बाबू, एसएस राजामौली, VVS लक्ष्मण - बाएं से दाएं की ओर (File Photo: ITG)

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है. शहर की कई जानी मानी हस्तियों को चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजा गया है. इस लिस्ट में एक्टर महेश बाबू, फिल्म डायरेक्टर एसएस राजामौली, पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं. यह पूरा मामला वोटर लिस्ट की जांच से जुड़ा हुआ है और इसमें फिल्म जगत, खेल जगत और बिजनेस से जुड़े कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं.

सूत्रों के मुताबिक, इस लिस्ट में महेश बाबू के साथ उनकी पत्नी नम्रता, एसएस राजामौली, वेंकटेश दग्गुबाती और उनकी बेटियां, समांथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा, आनंद देवरकोंडा, वीवीएस लक्ष्मण, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, मुरली कृष्ण प्रसाद दिवि और उपासना कोंडिडेला के नाम शामिल हैं. यानी यह लिस्ट सिर्फ फिल्मी सितारों तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें खेल और बिजनेस जगत के लोग भी हैं.

अब सवाल यह है कि आखिर यह नोटिस क्यों भेजा गया. जानकारी के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया वोटर लिस्ट को सही करने और उसे अपडेट करने के लिए चलाई जा रही है. कुछ मामलों में लोगों के नाम या उनके माता पिता के नाम में गड़बड़ी पाई गई है. कुछ लोगों का रिकॉर्ड पुराने SIR डेटा से मैच नहीं हो पाया है. वहीं कुछ मामलों में नोटिस भेजने की कोई खास वजह भी नहीं बताई गई है.

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चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन लोगों को यह नोटिस मिला है वे खुद जाकर वेरिफिकेशन करा सकते हैं और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं. अगर किसी नाम में गलती है तो उसे ठीक भी कराया जा सकता है. जो लोग खुद मौजूद नहीं हो पाएंगे वे किसी और व्यक्ति को अपनी तरफ से सुनवाई में भेजने के लिए अधिकृत कर सकते हैं.

सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को वोट देने के अयोग्य घोषित कर दिया गया है या उसका वोटर रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यह पूरी कवायद जांच और सुधार की सामान्य प्रक्रिया का ही हिस्सा है.

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