मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के पिता स्वर्गीय महेंद्रनाथ की उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित करीब 26 बीघा कृषि भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है. जिले के नजीबाबाद तहसील के गांव अमीखानपुर की इस जमीन को फर्जी वसीयत और झूठे मृत्यु प्रमाण पत्र के सहारे हड़पने का प्रयास किया गया. कमलनाथ द्वारा 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसील में जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज कराने के आवेदन के बाद इस धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई. 30 सितंबर 2026 को नजीबाबाद थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने अगले ही दिन 1 अक्टूबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
तहसील में आवेदन से खुला फर्जीवाड़े का खेल
कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ अमीखानपुर गांव के गाटा संख्या 429 और रकबा 2.1560 हेक्टेयर जमीन के असली मालिक थे. उन्होंने यह जमीन बटाई पर दे रखी थी और लंबे समय तक परिवार का कोई सदस्य देखरेख के लिए वहां नहीं गया.
18 मई 2026 को जब कमलनाथ ने विरासत अपने नाम कराने का आवेदन दिया, तब लेखपाल ने रिपोर्ट भेजकर जमीन को विवादित बताया. इसके बाद धर्मपाल सिंह बनाम ग्राम सभा के पुराने मुकदमे और जमीन पर पेश की गई एक फर्जी वसीयत का पता चला.
1998 की फर्जी वसीयत और गलत डेथ सर्टिफिकेट
जांच में सामने आया कि 7 अक्टूबर 1998 की एक अपंजीकृत फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन पर दावा ठोका गया था. इतना ही नहीं, जालसाजों ने 10 अप्रैल 2003 का महेंद्रनाथ का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी नजीबाबाद से बनवा लिया था. जबकि असलियत में उनकी मृत्यु 7 सितंबर 2004 को नई दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में हुई थी. इस दस्तावेज में कमलनाथ की माता का नाम भी गलत दर्ज किया गया था. इन कूटरचित कागजातों के बल पर करीब 26 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया.
लेखपाल समेत कई पर साजिश का आरोप
कमलनाथ की शिकायत में धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडे और लेखपाल डेविड कुमार सहित अन्य लोगों पर मिलकर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप लगा. आरोपी लंबे समय से जमीन की देखरेख न होने का फायदा उठाकर बाकी जमीन को भी खुर्द-बुर्द करने की फिराक में थे.
पुलिस एक्शन में दो आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद 30 सितंबर 2026 को नजीबाबाद थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की बीएनएस धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 अक्टूबर को महावतपुर बिल्लौच निवासी धर्मपाल सिंह और नजीबाबाद निवासी विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस अन्य नामजद आरोपियों और फर्जी कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि जमीन वापस दिलाई जा सके.