scorecardresearch
 

गेहूं की खेत में लगी आग, कई एकड़ में गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख

गेहूं की फसल खेतों में तैयार है और आने वाले एक हफ्ते में कटाई भी शुरू हो जाएगी. ऐसे में यूपी के देवरिया जिले में बिजली की शार्ट सर्किट से आधा दर्जन से अधिक किसानों की खड़ी फसल जलकर राख हो गयी. किसी तरह फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया. किसानों को हुए नुकसान का स्थानीय प्रशासन सर्वे कर रही है, ताकि आगे मुआवजा दिया जा सके.

Advertisement
X
गेहूं की फसल में आग
गेहूं की फसल में आग

उत्तर प्रदेश के देवरिया में गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई. इस वजह से कई एकड़ में लगी फसल तबाह हो गई. जैसे खेत में आग लगी किसानों में हड़कंप मच गया. लोग आग बुझाने के लिए खेतों की ओर बेतहाशा दौड़े. लाख कोशिशों के बावजूद आग ने देखते ही देखते काफी बड़े रकबे को अपनी चपेट में ले लिया. 

मिली जानकारी के अनुसार थाना बरियारपुर क्षेत्र के ग्राम कुशहरी में सोमवार की दोपहर में उस समय अफरा तफरी मच गई जब खेतो में खड़ी फसल जलने लगी ग्रामीण खेतो की तरफ दौड़े काफी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और किसानों में हो-हल्ला मच गया. कई एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलने लगी.

पछुआ हवा से आग ने विकराल रूप धरा
किसानों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को दी और खुद आग बुझाने का प्रयास करने लगे. तब तक कई एकड़ में फसल जल चुकी थी.आग से खड़ी फसल नष्ट होने के कारण  किसानों की चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है खेत के पास बिजली का ट्रांसफार्मर है. उसमें शार्ट सर्किट होने की वजह से चिंगारी निकली और बगल में कूड़े में जा गिरी. आग  सुलगते-सुलगते गेहूं की फसल तक पहुंच गई. इसी बीच तेज पछुवा हवा ने आग को जोर पकड़ने में मदद कर दी. 

Advertisement

नुकसान का किया जा रहा आकलन
इस मामले में फायर स्टेशन अधिकारी राजमंगल सिंह ने बताया उन्हें रामपुर कारखाना के भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया का फोन आया कि उनके गांव कुशहरी में आग लग गयी है. फसल जल रही है इस पर वे तत्काल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. वहीं सदर तहसीलदार के के मिश्रा ने बताया कि राजस्व की टीम गांव में पहुंची है. सर्वे कराया जा रहा है किन किसानों का कितना रकबा खेत जला है. रिपोर्ट तैयार की जा रही है. जिसकी आगे क्षतिपूर्ति दी जाएगी.

आधा दर्जन किसानों की फसल जली
जिन किसानों की फसल जली है, उसमें कृषक दामोदर पांडेय,कृष्ण मुरारी पांडेय,सत्यदेव पांडेय तीनों लोगों का चार बीघा,राजेश पांडेय का एक बीघा,कृष्ण कुमार पांडेय का एक बीघा,गंगेश पांडेय का एक बीघा,पूर्ण प्रकाश पांडेय का एक बीघा,रामप्रकाश राव उपेंद्र राव का तीन बीघा और राजकुमार पांडेय का एक बीघा जला है.

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement