6 जुलाई 1785 को अमेरिका के कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने एक अहल फैसला लिया. डॉलर को नए- नए आजाद हुए अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा के रूप में अपनाने की घोषणा की गई. इससे एक राष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली का मार्ग प्रशस्त हुआ. इस नवोदित राष्ट्र ने अभी-अभी क्रांतिकारी युद्ध जीता था और एक राष्ट्रीय मुद्रा का निर्माण उसकी नव स्वतंत्र अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और स्थापित करने की दिशा में उठाए गए पहले कदमों में से एक था.
युद्ध से पहले, इंग्लैंड उपनिवेशों को पर्याप्त संख्या में पेंस और शिलिंग के सिक्के उपलब्ध नहीं कराता था और न ही उन्हें अपनी मुद्रा बनाने की अनुमति देता था. इसलिए उपनिवेशवासी अक्सर स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल जैसे अन्य यूरोपीय देशों के सिक्कों का इस्तेमाल करते थे या वे वैम्पम या तंबाकू जैसी चीजों का आदान-प्रदान करते थे.
डॉलर से पहले अमेरिका की करेंसी क्या थी
ब्रिटेन के नियमों से बचने के लिए, मैसाचुसेट्स बे कॉलोनी ने 1690 में अपनी खुद की कागजी मुद्रा का उत्पादन शुरू किया. अन्य उपनिवेशों ने भी मैसाचुसेट्स का अनुसरण किया और कागजी नोट जारी किए, जिनका इस्तेमाल जारी करने व.ले राज्य या कॉलोनी के भीतर वस्तुओं के आदान-प्रदान या पेमेंट के लिए किया जाता था. इन नोटों को, जिन्हें क्रेडिट बिल कहा जाता था.
कागजी मुद्रा के प्रचलन से सिक्कों की कमी को दूर करने में तो मदद मिली, लेकिन इससे भ्रम की स्थिति भी पैदा हो गई. क्योंकि प्रचलन में मौजूद विभिन्न कागजी और सिक्का मुद्राओं का वास्तविक मूल्य निर्धारित करना मुश्किल हो गया था. इसके अलावा, इससे नकली मुद्राओं का प्रचलन भी बढ़ गया.
1775 तक कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने क्रांतिकारी युद्ध के लिए धन जुटाने के लिए सार्वभौमिक कागजी मुद्रा जारी नहीं की थी. लेकिन यह मुद्रा, जिसे "कॉन्टिनेंटल्स" के नाम से जाने जाने वाले 2 डॉलर के नोटों के रूप में जारी किया गया था. सरकार द्वारा ठोस समर्थन के अभाव में जल्द ही बेकार हो गई.
कैसे शुरू हुई डॉलर प्रणाली
युद्ध के बाद नवगठित राष्ट्र ने अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने का प्रयास किया. 1785 में, इसने व्यापक रूप से प्रचलित स्पेनिश चांदी के डॉलर के आधार पर डॉलर को अमेरिका की नई मुद्रा इकाई के रूप में स्थापित किया. डॉलर का चिह्न पेसो के लिए स्पेनिश-अमेरिकी प्रतीक से लिया गया था. संस्थापकों ने तब एक आधार-दस मुद्रा प्रणाली को अपनाया , जिसमें दस सेंट मिलकर एक डाइम बनाते हैं और दस डाइम मिलकर एक डॉलर बनाते हैं.
अमेरिका में डॉलर को पूरी तरह से अपनाने और स्वीकार किए जाने में दशकों लग गए, लेकिन आज यह दुनिया की सबसे व्यापक रूप से प्रचलित मुद्राओं में से एक बन गई है.