मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जून को लखनऊ के लोक भवन सभागार में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के समय रील बनाने से बचने की नसीहत दी ताकि सिस्टम पर कोई उंगली न उठा सके. इसके साथ ही उन्होंने सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने को एक बड़ा पुलिस रिफॉर्म बताते हुए विरोधियों पर तीखा हमला बोला.
रील बनाने वाले जवानों को सख्त नसीहत
सीएम योगी ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग ड्यूटी के दौरान रील बनाते रहते हैं, जो कि पूरी तरह अनुशासनहीनता है. जवानों को अपनी ड्यूटी के प्रति सजग, सतर्क और गंभीर रहना होगा ताकि कार्य गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे सके.
उन्होंने नसीहत दी कि कोई भी ऐसा काम न करें जिससे पुलिस अनावश्यक हंसी का पात्र बने और लोग सिस्टम पर उंगली उठाएं. टीम भावना से काम करने पर परिणाम अपने आप आएगा.
कमिश्नरेट सिस्टम और आईएएस पर तंज
पुलिस रिफॉर्म्स पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम 1972 से चला आ रहा था, लेकिन पहले हिम्मत नहीं होती थी. उन्होंने तंज कसा कि यूपी के आईपीएस को आईएएस फाइलों में ऐसा दबाते थे कि यमराज के आने पर भी फाइल खुलवाना कठिन था. सरकार ने 7 जनपदों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया है. उन्होंने कहा कि पुलिसिंग की जानकारी न रखने वाले और नागरिकों की सुरक्षा की चिंता न करने वाले लोग ही इस व्यवस्था पर उंगली उठाते हैं.