यूपी के मेरठ में मंगलवार शाम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई. गैस की चपेट में आने से कई लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने एहतियातन आसपास की कॉलोनी को खाली कराया. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं.
मामला पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के पल्लवपुरम फेज-2 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का है. यहां मंगलवार शाम अचानक प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया. कुछ ही देर में आसपास रहने वाले लोगों को गैस की गंध और उसके असर का एहसास होने लगा. लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की. इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए.

यह भी पढ़ें: आइस प्लांट में होने लगा अमोनिया गैस का रिसाव, मच गई अफरा-तफरी, 11 लोग अस्पताल में भर्ती
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें एक्टिव हो गईं. फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आसपास के इलाके को सुरक्षित करने के साथ लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर किया गया. एहतियात के तौर पर आसपास की कॉलोनी को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. इस दौरान इलाके में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा.

गैस के संपर्क में आने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई. करीब 8 से 10 लोगों की हालत ज्यादा खराब हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में भी मरीजों की लाइन लग गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, गैस फैलने के बाद अचानक आंखों में जलन होने लगी और खांसी आने लगी. कुछ लोगों ने सांस लेने में परेशानी की भी शिकायत की.
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लोगों की आवाजाही को रोका गया, ताकि कोई और व्यक्ति गैस के संपर्क में न आए. फायर ब्रिगेड और संबंधित टीमें रिसाव को रोकने में जुटी रहीं. प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति कंट्रोल में होने की बात कही गई है.

नगर आयुक्त सौरव गंगवार ने बताया कि प्लांट में लगे सिलेंडर के वाल लीक होने से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था. फिलहाल स्थिति कंट्रोल में है. भाजपा के कैंट विधायक अमित अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों का हाल जाना. उन्होंने कहा कि गैस का रिसाव हुआ है. स्थानीय सभासद की भी हालत ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि अभी मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से नगर निगम को यह प्लांट ट्रांसफर किए गए हैं. अब नगर निगम ने मेंटेनेंस कंपनी को इसका ठेका दे रखा है. मेंटेनेंस कंपनी की लापरवाही है.
मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह प्लांट मेरठ विकास प्राधिकरण के पास थे, अभी कुछ समय से ही नगर निगम के हैंडोवर किए गए हैं. हमने मेरठ विकास प्राधिकरण को पत्र लिखा था कि अभी ये सही कंडीशन में नहीं है, इसको ठीक करा कर ही हमको हैंडओवर किया जाए. आज बता रहे हैं कि अंदर एक सिलेंडर लीक हो गया था, जिसके कारण गैस का रिसाव हुआ. जल निगम इसको देख रहा है.
फिलहाल पुलिस और प्रशासन गैस रिसाव से प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. घटना के बाद अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्लोरीन सिलेंडर के वाल्व में लीकेज कैसे हुआ और प्लांट के रखरखाव में किसी तरह की कमी थी या नहीं. अधिकारियों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है.