उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर RPF जवानों और रेलवे के डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (Deputy SS) के बीच हुए विवाद का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गरमा गया है. मामले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजकुमार चाहर खुद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे.
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान सांसद का गुस्सा खुलकर सामने आया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में सिर्फ माफी मांग लेने या कर्मचारियों के निलंबन से बात खत्म नहीं होगी. दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और उन्हें सिर्फ सस्पेंड नहीं किया जाएगा, बल्कि आगरा से भी बाहर भेजा जाएगा.
सांसद ने कहा कि अगर RPF जवानों के साथ बाहरी लोगों ने भी मारपीट की है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होगी. जांच में जो भी लोग चिन्हित होंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा, "आप सभी मेरा परिवार हैं. मैं आपके अभिभावक के रूप में यहां आया हूं. आपके सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ूंगा."
मुलाकात के दौरान जब महिला ने सांसद से कहा कि "साहब ने आदेश दिया है", तो यह सुनते ही सांसद नाराज हो गए. उन्होंने तुरंत पूछा, "किसने आदेश दिया? बताइए किसने आदेश दिया?" इस दौरान उनका आक्रोश साफ दिखाई दिया.
सांसद का मानना था कि इस पूरे घटनाक्रम से वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंची है और सरकार की छवि भी खराब हुई है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, "वर्दी की भी बदनामी कराओगे और हमारी सरकार की भी बदनामी कराओगे."
सांसद के गुस्से और पीड़ित परिवार के बीच हुई बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. रेलवे प्रशासन और RPF इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या सांसद की मांग के मुताबिक मुकदमा दर्ज किया जाता है?