बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र में बिजली चेकिंग करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है. 18 सितंबर को हुई इस घटना का मारपीट का वीडियो अब सामने आया है, जिसके बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. वीडियो में विद्युत विभाग की टीम के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है.
विद्युत विभाग के अवर अभियंता ने घटना को लेकर चांदपुर थाने में तहरीर दी थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि बिजली कनेक्शन की जांच के दौरान टीम को घेरकर बंधक बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई. शिकायत में वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट करने, खाली कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराने और झूठे छेड़खानी के आरोप में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया.
बिजली कनेक्शन की जांच करने पहुंची थी टीम
18 सितंबर 2026 को करीब दोपहर 3 बजे विद्युत परीक्षण शाला की टीम सहायक अभियंता (मीटर) और अन्य कर्मचारियों के साथ चांदपुर क्षेत्र में जांच के लिए पहुंची थी. टीम के पास उच्चाधिकारियों से मिली बिजली खपत से जुड़ी सूची थी. इसी सूची में शामिल श्रीमती किरण के परिसर में विद्युत कनेक्शन की जांच की गई.
विभागीय टीम का आरोप है कि जांच के दौरान परिसर में लगे बिजली मीटर की इनकमिंग केबल में कट लगा हुआ मिला. शिकायत के अनुसार, कई अतिरिक्त केबल जोड़कर किचन में इलेक्ट्रिक हीटर चलाया जा रहा था और दुकानों को भी बिजली की आपूर्ति की जा रही थी. टीम ने मौके की वीडियोग्राफी शुरू कर दी थी.
इसके बाद गांव के लोगों को बुलाने का आरोप
अवर अभियंता सुदीप कुमार शर्मा ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि इसके बाद संजीव ने गांव के कई लोगों को मौके पर बुला लिया. शिकायत के मुताबिक, करीब 20 से 30 लोग वहां पहुंच गए.
तहरीर में सुधांशु, अंकित, मोहित, ग्राम प्रधान नवनीत और उपभोक्ता के एक पुत्र समेत कई लोगों के नाम बताए गए हैं. आरोप है कि इन लोगों ने विद्युत विभाग की टीम को घेर लिया और उन्हें वहां से जाने नहीं दिया.
जेई से मारपीट का वीडियो आया सामने
घटना के कई दिन बाद अब मारपीट का वीडियो सामने आया है. वीडियो सामने आने के बाद शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. वीडियो में कुछ लोग विद्युत विभाग की टीम के सदस्यों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट करते नजर आ रहे हैं. देखें VIDEO:-
वीडियो डिलीट करने का भी आरोप
मामले में वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं. तहरीर के मुताबिक, टीम में मौजूद सत्यम कुमार यादव के मोबाइल फोन से घटना की रिकॉर्डिंग की जा रही थी.
अवर अभियंता का आरोप है कि उनका मोबाइल छीनकर उसमें मौजूद वीडियो डिलीट कर दी गई. शिकायत में इसे घटना से जुड़े साक्ष्य को मिटाने का प्रयास बताया गया है.
इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उससे एक खाली कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी कराए गए.
पहले भी फोन पर धमकी देने का आरोप
तहरीर में घटना से दो-तीन दिन पहले की एक घटना का भी जिक्र है. अवर अभियंता के अनुसार, अंकित नाम के व्यक्ति ने उन्हें फोन करके मारने की धमकी दी थी. उनका कहना है कि इस बारे में उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को फोन के जरिए जानकारी दी थी.