उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक दुखद और सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है. डिवाइन पब्लिक स्कूल की कक्षा दो में पढ़ने वाली 7 वर्षीय मासूम छात्रा वैष्णवी तिवारी की म्यूजिक सिस्टम के अत्यधिक तेज शोर के बाद हुई दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है.
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए डीजे मालिक और ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर मेवालाल चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है.
पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपियों DJ मालिक चंद्र प्रकाश वर्मा और ऑपरेटर रामपाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए पिकअप वाहन, डीजे साउंड सिस्टम और उससे जुड़े सभी उपकरणों को जब्त कर कब्जे में ले लिया है. मामले की निष्पक्ष विवेचना और कानूनी कार्रवाई के लिए घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करा लिया गया है.
चौकी प्रभारी सस्पेंड, कोतवाली प्रभारी को नोटिस
घटना के बाद पुलिस विभाग की ढिलाई को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है: मेवालाल चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. नगर कोतवाली प्रभारी संतोष मिश्रा को लचर निगरानी के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है.
जिलेभर के DJ संचालकों को चेतावनी
मासूम वैष्णवी की मौत के बाद बलरामपुर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है. अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडे और नगर कोतवाली प्रभारी संतोष मिश्रा के नेतृत्व में जिले की सभी कोतवाली और थाना क्षेत्रों में डीजे संचालकों के साथ आपात बैठकें की जा रही हैं. देखें VIDEO:-
बैठक में उपस्थित डीजे संचालक देवेंद्र शुक्ला और सुरेश समेत अन्य संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट और शासन द्वारा जारी ध्वनि प्रदूषण संबंधी आदेशों-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए. निर्धारित ध्वनि सीमा और समय-सीमा का उल्लंघन किसी भी हाल में न हो. बिना प्रशासनिक अनुमति के डीजे का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ भविष्य में एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी.