
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दो पुजारियों और अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या के बाद बच्चों को घर में बंधक बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने बाहर निकाल लिया है. अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी और तीनों बच्चों को सकुशल घर से बाहर निकाल लिया.
तीन हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया था. पुलिस की टीमें लगातार उससे बातचीत के जरिए बाहर निकालने की कोशिश में जुटी थीं. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने सावधानी से कार्रवाई की. फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पानी की बौछार का इस्तेमाल कर गेट तोड़ा और आरोपी समेत तीनों बच्चों को सकुशल घर से बाहर निकाला. इसके बाद पुलिस टीम आरोपी और उसके तीनों बच्चों को अस्पताल लेकर गई. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें पुलिस की निगरानी में अस्पताल ले जाया गया है.
तीनों बच्चे सकुशल बाहर निकाले गए
घर के अंदर आरोपी के साथ तीन बच्चे मौजूद थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार इनमें करीब 10 साल और 7 साल के दो बच्चे तथा करीब 6 महीने का एक बच्चा शामिल था. पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित घर से बाहर निकाल लिया गया. आरोपी को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है. घर से बरामद उसके लाइसेंसी असलहे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं.
बता दें, मंगलवार उसके घर में पूजा का आयोजन चल रहा था. इसी दौरान विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई. आरोप है कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगा. बस इस बात पर विवाद हो गया. विवाद बढ़ने के बाद पिस्टल से फायरिंग की गई. फायरिंग में अरविंद सिंह की पत्नी बबीता समेत तीन लोग घायल हो गए थे. बाद में तीनों की मौत हो गई. मृतकों में दो पुजारी हैं. इनमें पंडित महेंद्र पाठक का नाम सामने आया है. घटना के बाद पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से फरार हो गए.

इस घटना के बीच परिवार से जुड़ी पुरानी घटना भी सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद भाई की आत्मा की शांति के लिए परिवार में पूजा कराने की बात चल रही थी. बताया जा रहा है कि अरविंद सिंह इस पूजा के खिलाफ था. उसने पूजा नहीं कराने को कहा था. इसके बावजूद परिवार की तरफ से घर पर पूजा रखी गई. मंगलवार शाम इसी पूजा के दौरान विवाद हुआ और मामला फायरिंग तक पहुंच गया.
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी. शुरुआती जानकारी में सामने आया कि एक शख्स ने अपनी पत्नी और दो अन्य लोगों को लाइसेंसी पिस्तल से गोली मारी. इस घटना में तीनों की मौत हो गई. आरोपी के बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद करने की सूचना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड यूनिट, एसओजी और अन्य टीमों को मौके पर लगाया गया था. पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बातचीत के जरिए आरोपी को समझाने का प्रयास किया जा रहा था. अब आरोपी और तीनों बच्चों को घर से बाहर निकाल लिया गया है. पुलिस ने लाइसेंसी असलहे अपने कब्जे में ले लिए हैं और आरोपी तथा उसके बच्चों को अस्पताल ले जाया गया है.
घटनास्थल से पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी थी. पुलिस टीम ने हथियार और फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं. मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. फायरिंग की वजह क्या थी और तीनों लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पूरी तस्वीर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी. फिलहाल कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.